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जानिए किसे क्या मिला?
भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए आपसी प्रतिबद्धता की पुष्टि की. उन्होंने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की.
नेताओं के बीच व्यापार और वाणिज्य, प्रवासन और गतिशीलता, समुद्री सहयोग, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, शैक्षणिक आदान-प्रदान, मीडिया सहयोग और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने पर समझौता ज्ञापनों सहित कई दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ.
राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ट्रेड समेत अन्य मुद्दों पर वार्ता की. इस दौरान भारत और रूस के बीच कई समझौते हुए हैं. बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया को संबोधित किया. पुतिन ने भारत को न्यूक्लियर रिएक्टर टेक्नोलॉजी का ऑफर भी दिया है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह आधिकारिक यात्रा भारत और रूस के नेताओं को अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने का मौका देगी. साथ ही, यह यात्रा दोनों देशों की विशेष और मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने एवं दोनों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर विचार साझा करने का अवसर भी प्रदान करेगी.
रूस, भारत का काफी लंबे समय से भरोसेमंद साथी रहा है. रूस के साथ संबंध भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. अक्टूबर 2000 में ‘भारत-रूस सामरिक साझेदारी घोषणापत्र’ पर हस्ताक्षर होने के बाद से दोनों देशों के संबंधों ने नई ऊंचाई हासिल की है. अब दोनों देश राजनीति, सुरक्षा, रक्षा, व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों के बीच सहयोग जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में और करीब आए हैं.
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पुतिन ने क्या कहा?
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, “हम बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन की बिना रुकावट शिपमेंट जारी रखने के लिए तैयार हैं.” यह घोषणा तब हुई जब दोनों देशों ने फर्टिलाइजर और फूड सेफ्टी से लेकर शिपिंग और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स तक अलग-अलग क्षेत्रों में समझौते किए हैं. रूसी राष्ट्रपति ने कहा, “हम एक-दूसरे के देशों में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन कर रहे हैं. आज, एक रूसी टीवी चैनल भारत में ब्रॉडकास्ट करना शुरू करेगा. इससे भारत को रूस के बारे में और जानने में मदद मिलेगी. हमने कुछ ग्लोबल मुद्दों पर भी बात की है. हम बहुध्रुवीय वर्ल्ड ऑर्डर पर जोर दे रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स के फाउंडिंग मेंबर के तौर पर, भारत और रूस ने बहुत काम किया है. अगले साल, भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा. हम भारत को हर तरह से सपोर्ट करने के लिए तैयार हैं.”
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग पर जोर देते हुए कहा, “भारत और रूस 2030 तक व्यापार बढ़ाने के लिए एक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमत हुए हैं.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत-रूस के संबंधों में हमारे सांस्कृतिक सहयोग और लोगों के संबंधों का विशेष महत्व रहा है. दशकों से दोनों देशों के लोगों में एक-दूसरे के प्रति स्नेह, सम्मान, और आत्मीयता का भाव रहा है. इन संबंधों को और मजबूत करने के लिए हमने कई नए कदम उठाए हैं.
उन्होंने कहा कि हाल ही में रूस में भारत के दो नए वाणिज्य दूतावास खोले गए हैं. इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और सुगम होगा, और आपसी नजदीकियां बढ़ेंगी. इस साल अक्टूबर में लाखों श्रद्धालुओं को काल्मिकिया स्थित अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट फोरम में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का आशीर्वाद मिला.”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे खुशी है कि शीघ्र ही हम रूसी नागरिकों के लिए नि:शुल्क 30 दिनों का ई-टूरिस्ट वीजा और 30 दिनों का ग्रुप टूरिस्ट वीजा की शुरुआत करने जा रहे हैं. जनशक्ति गतिशीलता हमारे लोगों को जोड़ने के साथ-साथ दोनों देशों के लिए नई ताकत और नए अवसर प्रदान करेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि इसे बढ़ावा देने के लिए आज दो समझौते किए गए हैं. हम मिलकर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और प्रशिक्षण पर भी काम करेंगे. हम दोनों देशों के छात्रों, विद्वानों और खिलाड़ियों का आदान-प्रदान भी बढ़ाएंगे.”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में हमारी मित्रता हमें वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देगी, और यही भरोसा हमारे साझा भविष्य को और समृद्ध करेगा. मैं एक बार फिर आपको और आपके पूरे प्रतिनिधिमंडल को भारत यात्रा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं.