दिल्ली मेट्रो का मेगा प्लान: इस रूट पर बनेंगे 17 नए इंटरचेंज, सफर होगा फास्ट और आसान
पहले से टिकट बुक करें
सुरक्षित यात्रा की शुरुआत सिर्फ सफर के दौरान नहीं होती, बल्कि यात्रा से पहले ही तैयारी करनी पड़ती है। त्योहार का सीजन हो तो भारतीय रेलवे की टिकट किसी काॅन्सर्ट से भी ज्यादा तेजी से बुक हो जाती हैं। ऐसे में यात्रा डेट से काफी पहले अपनी टिकट बुक करा लें। ये यात्रा से पहले आपके लिए होने वाले सिरदर्द और टेंशन को कम कर देता है। ध्यान रखें कि टिकट रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक एप्स से ही करें। किसी एजेंट या संदिग्ध वेबसाइट पर भरोसा न करें। कई बार कंफर्म टिकट का साझा देकर फ्राॅड वेबसाइट आपको बेवकूफ भी बना देती हैं। पहले से टिकट बुक करने पर रेलवे सिस्टम में आपका नाम दर्ज हो जाता है, जो सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।
महिला कोटा या केवल महिला कोच चुनें
सेफ ज़ोन चुनना समझदारी है। भारतीय रेलवे महिला सुरक्षा और सहजता को ध्यान में रखते हुए महिला कोटा बर्थ और केवल महिला कोच का विकल्प भी देता है। ऐसे में ऑनलाइन बुकिंग करते समय Ladies Quota सिलेक्ट करें। महिला कोच आमतौर पर गार्ड केबिन के पास होते हैं, जहां RPF लगातार निगरानी करती है। ऐसे में सुरक्षित यात्रा का विकल्प अपनाएं।
अनजान स्टेशन पर रात में न उतरें
अगर देर रात ट्रेन किसी स्टेशन पर रुके तो इसे अपने लिए गैर सुरक्षित समझें और यहां भूल से भी न उतरें। ट्रेन बुक करते समय ध्यान रखें कि गाड़ी आपके गंतव्य स्टेशन पर रात में न पहुंचें। अपनी मंजिल पर दिन में पहुंचने वाली ट्रेन चुनें। अगर देर रात पहुंचना हो तो पहले से कैब बुक करें या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को पिक करने के लिए बुलाएं। जागरूकता आपका सबसे बड़ा कवच है। साहसी बनने के चक्कर में गलती न करें।
यात्रा की डिटेल भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें
अपना कोच नंबर, PNR, सीट नंबर और ट्रेन का नाम जैसी यात्रा संबंधित जानकारी परिवार के सदस्य या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से शेयर करें। इसे रणनीतिक सुरक्षा कहते हैं, ना कि ओवरशेयरिंग। ट्रेन में देरी हो तो करीबी को अपडेट देते हैं। उससे लाइव लोकेशन भी शेयर कर सकते हैं।
सामान सुरक्षित और लॉक रखें
त्योहार के सीजन में रेलवे स्टेशनों से लेकर ट्रेन यात्रा तक में भीड़, शोर और जेबकतरी बढ़ जाती है। ऐसे में सफर पर निकलें तो बैग में ताला जरूर लगाएं, सामान को बर्थ के पास चेन से बांध सकते हैं। साथ ही फोन, आईडी और वाॅलेट को एक छोटे पर्स में रखकर हमेशा अपने पास रखें। सोते समय इस बैग को सिर के नीचे या शरीर के करीब ही रखें।
सहयात्रियों से सीमित बातचीत
मित्रता अच्छी है लेकिन एक सीमा तक। रेल सफर के दौरान सहयात्रियों से बातचीत होना सामान्य है। इससे रास्ता और मजेदार तरीके से कट जाता है लेकिन अपने घर का पता, होटल लोकेशन, सोलो ट्रैवलिंग कर रहे हैं, जैसी बातों को अपने तक रखें। दोस्त बनें लेकिन धोखाधड़ी का शिकार न बनें। यात्रा के दौरान मिले दोस्त से ओवरशेयरिंग न करें।
टेक्नोलॉजी को सुरक्षा कवच बनाएं
मोबाइल फोन सिर्फ रील देखने या गाने सुनने के लिए नहीं होता है, बल्कि ये आपकी सुरक्षा कवच का काम भी करता है। फोन पर रेल मदद एप, आरपीएफ हेल्पलाइन 182 सेव करें। किसी भरोसेमंद के साथ लाइव लोकेशन शेयर करें। इमरजेंसी कॉन्टैक्ट स्पीड डायल में रखें।
सेफ्टी एसेंशियल्स साथ रखें
आप कोई फिल्म की हीरोइन नहीं हैं कि हीरो आपको सही समय पर बचाने आ जाएगा। खुद को सुरक्षा की जिम्मेदारी आपको खुद ही उठानी पड़ेगी। इसके लिए तैयार रहें। अपने साथ छोटी टॉर्च, पेपर स्प्रे, सीटी और पॉवर बैंक रखें। क्योंकि तैयारी ही ताकत है।
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इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर याद रखें
घबराहट के वक्त फोन पर नंबर खोजने का समय नहीं मिलता। इसलिए आरपीएफ हेल्पलाइन 182, मेरी सहेली एप फोन स्क्रीन पर सेव करें। अगर कुछ अजीब लगे तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।