8 मार्च को ही क्यों मनाते हैं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस?
अमेरिका में कामकाजी महिलाओं ने 8 मार्च को अपने अधिकारों को लेकर आंदोलन करते हुए मार्च निकाला था। जिसके बाद सोशलिस्ट पार्टी ने इस दिन महिला दिवस मनाने का एलान किया। वहीं 1917 में पहले विश्व युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने ब्रेड और पीस के लिए हड़ताल किया। परिणाम स्वरूप सम्राट निकोलस ने अपना पद त्याग दिया और महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला।
ये देख यूरोप की महिलाओं ने भी कुछ दिन बाद 8 मार्च को पीस ऐक्टिविस्ट्स का समर्थन करते हुए रैलियां निकाली। इस कारण 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मान्यता मिला। बाद में 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दे दी।
महिला दिवस का महत्व
महिला दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि जागरूकता का दिन है। इसका उद्देश्य है,
- लैंगिक समानता को बढ़ावा देना
- शिक्षा और रोजगार में समान अवसर की मांग
- महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान
- समाज में महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान
आज महिलाएं राजनीति, विज्ञान, खेल, कला और व्यापार हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। यह दिन उनके संघर्ष और सफलता की कहानी को सम्मान देने का अवसर है।
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महिला दिवस 2026 की थीम
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की वैश्विक थीम है, ‘दान से लाभ’ यानी जब आप किसी को कुछ देते हैं तो बदले में आपको भी लाभ होता है।
महिला दिवस से जुड़े रोचक तथ्य
- दुनिया के 100 से अधिक देशों में 8 मार्च को कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
- कई देशों में यह दिन आधिकारिक अवकाश भी होता है।
- हर साल अलग थीम तय की जाती है, जो उस वर्ष के सामाजिक मुद्दों को दर्शाती है।
- महिला दिवस का रंग अक्सर बैंगनी (Purple) माना जाता है, जो गरिमा और न्याय का प्रतीक है।