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2005 में ऑस्ट्रेलियाई टीम से फाइनल हारी थी भारतीय टीम
भारतीय टीम पहली बार साल 2005 में महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी, तब उसका सामना ऑस्ट्रेलिया हुआ था, जहां टीम इंडिया अच्छा नहीं कर पाई और बुरी तरह से उसे हार का मुंह देखना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के लिए करेन रोल्टन ने दमदार बल्लेबाजी की और 107 रनों की पारी खेली, जिसमें 11 चौके शामिल रहे। उनकी वजह से ही ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 50 ओवर्स में कुल 215 रन बनाए।
इसके बाद भारत की तरफ से कोई भी बल्लेबाज अच्छा नहीं कर पाई। भारतीय पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। अनु जैन ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए। उनके अलावा अमिता शर्मा ने 22 रन और दीपा मराथे ने 18 रनों का योगदान दिया। भारतीय पारी 117 रनों पर ही सिमट गई और उसका खिताब जीतने का सपना टूट गया।
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इंग्लैंड के खिलाफ बिखरी भारतीय बल्लेबाजी
इसके 12 बाद साल 2017 में भारतीय टीम एक बार फिर महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची, जहां उसका सामना इंग्लैंड की टीम से हुआ। लेकिन इस मैच में भारत को करीबी 9 रनों से शिकस्त मिली। इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए कुल 228 रन बनाए थे। टीम इंडिया के पास स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और मिताली राज जैसी स्टार प्लेयर्स थीं। ऐसे में लग रहा था कि टीम इंडिया आसानी से टारगेट हासिल कर सकती है। लेकिन पूनम राउत को छोड़कर बाकी सभी प्लेयर्स अच्छा नहीं कर पाईं और पूरी भारतीय टीम 219 रनों पर सिमट गई। पूनम ने 115 गेंदों में कुल 86 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा।