बैठक के दौरान 2 अप्रैल 2026 को हुई समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी ली गई। साथ ही खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उपार्जित धान के निराकरण, एफसीआई और नान में चावल जमा करने की स्थिति तथा लेखा मिलान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में सामने आई धान की सूखत यानी कमी की स्थिति की जानकारी भी ली गई।
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362 नए धान खरीदी केंद्रों के लिए तैयारियां
आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए बारदानों की उपलब्धता पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा 362 नए धान उपार्जन केंद्रों के संचालन के लिए जरूरी व्यवस्थाओं, संग्रहण केंद्रों की तैयारी तथा मुख्यालय और जिला स्तर पर जारी निविदाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी अधिकारियों से ली गई।
बैठक में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान धान परिवहन तथा बारदाना सुरक्षा और रख-रखाव के लिए किए गए भुगतान की जिलेवार स्थिति की भी समीक्षा की गई। आगामी धान खरीदी वर्ष के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों के साथ चर्चा हुई।
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किसानों को नहीं होनी चाहिए परेशानी
शशिकांत द्विवेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने लंबित कार्यों का जल्द निराकरण करने और खरीदी व्यवस्था को सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को खरीदी केंद्रों से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने और किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।