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Google Chrome के इन वर्जन्स पर ज्यादा खतरा
सरकारी एजेंसी की तरफ से जारी अलर्ट में बताया गया है कि Linux पर 148.0.7778.96 और विंडोज और मैक सिस्टम पर 148.0.7778.96/97 से पुराने वर्जन पर इन सुरक्षा खामियों के कारण खतरा है. इन खामियों का फायदा उठाकर अटैकर्स यूजर्स को मलेशियस वेबसाइट ओपन करने या किसी हार्मफुल लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर कर सकते हैं. ऐसा होने पर अटैकर्स सिस्टम से पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल समेत सेंसेटिव डेटा चुरा सकते हैं. इसके अलावा वो सिस्टम को क्रैश और ब्राउजर को सिक्योरिटी प्रोटेक्शन को बाईपास भी कर सकते हैं.
क्रोम में पाई गई हैं ये खामियां
साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने क्रोम के अंदर कई कंपोनेंट में सुरक्षा खामियों का पता लगाया है. जानकारी के मुताबिक, क्रोम के रेंडरिंग इंजन, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग और मेमोरी हैंडलिंग में ये खामिया पाई गई हैं. इसके अलावा मेमोरी एरर, इनपुट वैलिडेशन में गड़बड़ और सिक्योरिटी पॉलिसी बाईपास को भी डिटेक्ट किया गया है. पढ़ने में ये सारी चीजें टेक्नीकल लगती हैं, लेकिन इनका असर सीधा आपके डेटा और डिवाइस सिक्योरिटी पर होगा.
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यूजर्स के पास अब क्या रास्ता?
एजेंसी ने सभी यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने Google Chrome ब्राउजर को तुरंत अपडेट करें. इन सिक्योरिटी खामियों को ठीक करने के लिए कंपनी ने नए सिक्योरिटी पैच जारी किए हैं, जिन्हें ब्राउजर अपडेट करके इंस्टॉल किया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले क्रोम ओपन करें, फिर Help सेक्शन में जाकर “About Google Chrome” पर क्लिक करें. अगर वहां कोई नया अपडेट उपलब्ध दिखाई दे तो उसे तुरंत डाउनलोड और इंस्टॉल कर लें. बता दें कि लेटेस्ट फीचर्स और बग्स से बचने के लिए हमेशा ऐप्स और सॉफ्टवेयर को अपडेटेड रखना चाहिए.