Working Mother Guilt : आज के दौर में करियर और परिवार के बीच तालमेल बिठाना किसी चुनौती से कम नहीं है. खासकर उन माताओं के लिए जो मैटरनिटी लीव के बाद ऑफिस जॉइन करती हैं. एक कामकाजी मां (Working Mom) के मन में ऑफिस में काम करते हुए भी कई सवाल चलते रहते हैं, “क्या बच्चे ने खाना खाया होगा?”, “क्या वह सो गया?” लेकिन सबसे गहरा डर जो कई माताओं को सताता है, वह यह है: “मेरा बच्चा पूरा दिन अपनी दादी (या केयरगिवर) के साथ रहता है, कहीं वह मुझसे दूर न हो जाए? कहीं वह उन्हें ही अपनी माँ न समझने लगे?” अगर आप भी इसी ‘मदर गिल्ट’ (Mother Guilt) से गुजर रही हैं, तो यकीन मानिए आप अकेली नहीं हैं. आइए, एक्सपर्ट्स की राय से जानते हैं इस डर की असल वजह और वह तरीका जो आपके और आपके बच्चे के रिश्ते को और मजबूत बनाएगा.
क्यों सताता है यह डर?
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इसे ‘सेपरेशन एंग्जायटी’ (Separation Anxiety) कहा जाता है, जो सिर्फ बच्चों में ही नहीं, माताओं में भी होती है. जब आप बच्चे को किसी और के पास छोड़कर जाती हैं, तो आपके मन में अपनी ‘अहमियत’ खोने का डर पैदा होता है. खासकर जब बच्चा दादी के हाथ का खाना आसानी से खा लेता है या उनके पास जाने पर चुप हो जाता है, तो मां को अपनी बॉन्डिंग पर संदेह होने लगता है.
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इसे ‘सेपरेशन एंग्जायटी’ (Separation Anxiety) कहा जाता है, जो सिर्फ बच्चों में ही नहीं, माताओं में भी होती है. जब आप बच्चे को किसी और के पास छोड़कर जाती हैं, तो आपके मन में अपनी ‘अहमियत’ खोने का डर पैदा होता है. खासकर जब बच्चा दादी के हाथ का खाना आसानी से खा लेता है या उनके पास जाने पर चुप हो जाता है, तो मां को अपनी बॉन्डिंग पर संदेह होने लगता है.
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
एक्सपर्ट का मानना है कि बच्चे का दादी के साथ जुड़ाव होना एक सकारात्मक संकेत है, खतरा नहीं. यह याद रखें कि बच्चा ‘अटैचमेंट’ (Attachment) और ‘लव’ (Love) के बीच फर्क करना जानता है. दादी का प्यार उसे सुरक्षा का अहसास देता है, लेकिन मां की जगह कोई नहीं ले सकता. बच्चा आपकी खुशबू, आपकी आवाज और आपकी मौजूदगी को जन्म से ही पहचानता है. दादी के साथ रहने से बच्चा सामाजिक बनता है और उसमें संस्कारों की नींव मजबूत होती है.
एक्सपर्ट का मानना है कि बच्चे का दादी के साथ जुड़ाव होना एक सकारात्मक संकेत है, खतरा नहीं. यह याद रखें कि बच्चा ‘अटैचमेंट’ (Attachment) और ‘लव’ (Love) के बीच फर्क करना जानता है. दादी का प्यार उसे सुरक्षा का अहसास देता है, लेकिन मां की जगह कोई नहीं ले सकता. बच्चा आपकी खुशबू, आपकी आवाज और आपकी मौजूदगी को जन्म से ही पहचानता है. दादी के साथ रहने से बच्चा सामाजिक बनता है और उसमें संस्कारों की नींव मजबूत होती है.
रिश्ता मजबूत करने के लिए अपनाएं ये तरीके-
अगर आप चाहती हैं कि ऑफिस के बाद भी आपका और बच्चे का रिश्ता सबसे खास रहे, तो ये तरीके काम आएंगे:
अगर आप चाहती हैं कि ऑफिस के बाद भी आपका और बच्चे का रिश्ता सबसे खास रहे, तो ये तरीके काम आएंगे:
1. क्वांटिटी नहीं, ‘क्वालिटी टाइम’ पर दें जोर
यह मायने नहीं रखता कि आप बच्चे के साथ 10 घंटे बिता रही हैं या 2 घंटे. मायने यह रखता है कि उस समय आप कितनी ‘प्रेजेंट’ (Present) हैं. ऑफिस से आने के बाद फोन किनारे रख दें और पूरा समय बच्चे की बातें सुनने या उसके साथ खेलने में बिताएं.
यह मायने नहीं रखता कि आप बच्चे के साथ 10 घंटे बिता रही हैं या 2 घंटे. मायने यह रखता है कि उस समय आप कितनी ‘प्रेजेंट’ (Present) हैं. ऑफिस से आने के बाद फोन किनारे रख दें और पूरा समय बच्चे की बातें सुनने या उसके साथ खेलने में बिताएं.
2. मॉर्निंग और नाइट रूटीन बनाएं
ऑफिस जाने से पहले उसे तैयार करना या ऑफिस से आने के बाद उसे कहानी सुनाकर सुलाना—यह आपका ‘पर्सनल टाइम’ होना चाहिए. यह रूटीन बच्चे को यह संदेश देता है कि दिन की शुरुआत और अंत आपके साथ ही होगा.
ऑफिस जाने से पहले उसे तैयार करना या ऑफिस से आने के बाद उसे कहानी सुनाकर सुलाना—यह आपका ‘पर्सनल टाइम’ होना चाहिए. यह रूटीन बच्चे को यह संदेश देता है कि दिन की शुरुआत और अंत आपके साथ ही होगा.
3. दादी को ‘दुश्मन’ नहीं, ‘पार्टनर’ समझें
जब आप बच्चे को दादी के साथ खुश देखती हैं, तो असुरक्षित महसूस करने के बजाय खुश हों. एक सुरक्षित और खुशहाल बच्चा ही अपनी मां के साथ बेहतर तरीके से जुड़ पाता है. दादी का प्यार बच्चे के मानसिक विकास में मदद करता है.
जब आप बच्चे को दादी के साथ खुश देखती हैं, तो असुरक्षित महसूस करने के बजाय खुश हों. एक सुरक्षित और खुशहाल बच्चा ही अपनी मां के साथ बेहतर तरीके से जुड़ पाता है. दादी का प्यार बच्चे के मानसिक विकास में मदद करता है.
4. वीडियो कॉल का सहारा लें
लंच ब्रेक के दौरान 2 मिनट का वीडियो कॉल भी बच्चे के मन में आपकी छवि को ताजा रखता है. उसे बताएं कि आप उसे याद कर रही हैं और शाम को उसके लिए कुछ खास लाएंगी.
लंच ब्रेक के दौरान 2 मिनट का वीडियो कॉल भी बच्चे के मन में आपकी छवि को ताजा रखता है. उसे बताएं कि आप उसे याद कर रही हैं और शाम को उसके लिए कुछ खास लाएंगी.


