राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: पेंशनधारियों के लिए बदले 3 अहम नियम, अब नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर
पिछली बार का फर्जीवाड़ा देख बदला नियम
दरअसल, साल 2022 की पीटीआई भर्ती में खेल सर्टिफिकेट और डिग्रियों को लेकर भारी फर्जीवाड़ा हुआ था। इस बार बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने साफ कर दिया है कि पुरानी गलतियों को नहीं दोहराया जाएगा। नए नियम के मुताबिक, अब अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय ही अपनी बीपीएड (B.P.Ed) की मार्कशीट और खेल सर्टिफिकेट वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे।
दस्तावेज बदला तो सीधे बाहर
नया नियम बहुत सख्त है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) के समय अभ्यर्थी को वही ओरिजिनल सर्टिफिकेट दिखाना होगा, जो उसने फॉर्म भरते वक्त अपलोड किया था। अगर दोनों में जरा सा भी अंतर मिला, तो बोर्ड उसे तुरंत खारिज कर देगा। अभ्यर्थी बाद में यह बहाना नहीं बना पाएंगे कि ई-मित्र वाले ने गलत डॉक्यूमेंट अपलोड कर दिया था।
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यूनिवर्सिटी से खरीदे गए थे सर्टिफिकेट
मेजर जनरल आलोक राज, अध्यक्ष (कर्मचारी चयन बोर्ड) के अनुसार 2022 की भर्ती जांच में करीब 1200 ऐसे मामले मिले थे, जिनमें आवेदन और वेरिफिकेशन के समय अलग-अलग दस्तावेज थे। सबने ई-मित्र की गलती बताई, लेकिन साफ दिख रहा था कि चयन होने के बाद फर्जी सर्टिफिकेट खरीदे गए थे।
सूत्रों के मुताबिक, पिछली भर्ती में फर्जी डिग्री के तार मध्य प्रदेश की सत्यसाईं यूनिवर्सिटी और उत्तर प्रदेश की जेएस यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी (SOG) ने इन विश्वविद्यालयों पर छापेमारी भी की थी। इसी को देखते हुए इस बार चयन बोर्ड पहले से ही अलर्ट मोड पर है।