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‘समाधान निकालने को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई’
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका, इजरायल और क्षेत्रीय सहयोगी देशों के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने और समाधान निकालने को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। ट्रंप ने कहा कि समझौते से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सिद्धांत और विस्तृत स्तर पर सहमति बन चुकी है। हालांकि पिछले कुछ हफ्तों में भी वह कई बार दावा कर चुके हैं कि समझौता करीब है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।

ईरान ने अमेरिका के कई ठिकानों पर किए हमले
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को हुआ युद्धविराम टूट चुका है और दोनों देश एक-दूसरे के ठिकानों पर लगातार हमले कर रहे हैं। गुरुवार को ईरान ने अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान का दावा है कि उसने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिका के 5 सैन्य अड्डों पर जोरदार हमले किए हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में अमेरिका के दो विमान नष्ट हो गए, जबकि जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी एयरबेस का हैंगर भी तबाह हो गया।
अमेरिका के 3 एफ-16 लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त
वहीं अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि हमले के दौरान हैंगर में खड़े अमेरिका के 3 एफ-16 लड़ाकू विमान भी क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं। ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को भी निशाना बनाने का दावा किया है। इसके अलावा कुवैत में मौजूद अमेरिका के 2 सैन्य अड्डों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। ईरानी सेना ने इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला करने का भी दावा किया है।
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कुछ घंटों में ही पूरी तरह बदल गए ट्रंप के तेवर
बता दें कि कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने कहा था कि अब वह ईरान को और अधिक समय नहीं देंगे और अमेरिकी सेना को फिर से बमबारी शुरू करने का आदेश दे दिया गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि अमेरिकी सेना ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकती है। ट्रंप का कहना था कि पाकिस्तान की मध्यस्थता और आग्रह पर उन्होंने ईरान को समझौते का मौका दिया था लेकिन ‘जिद्दी’ ईरानी नेतृत्व की वजह से समझौता आगे नहीं बढ़ पाया।