हर पांच मकानों में एक खाली
जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक शहर में मौजूद 15.79 लाख मकानों में से करीब 3.25 लाख मकानों में किराएदार रह रहे हैं, जबकि लगभग 3.25 लाख मकान खाली पाए गए हैं। विशेषज्ञ इसे निवेश आधारित रियल एस्टेट विकास का संकेत मान रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भविष्य की जरूरतों और निवेश के उद्देश्य से फ्लैट, प्लॉट और मकान खरीदे हैं।
जगतपुरा बना नया हाउसिंग हब
जोनवार आंकड़ों में सबसे बड़ा बदलाव जगतपुरा में दिखाई दिया है। यहां 1.61 लाख से अधिक मकान दर्ज किए गए हैं, जो शहर में सर्वाधिक हैं। नई टाउनशिप, बहुमंजिला आवासीय परियोजनाएं, शैक्षणिक संस्थान और बेहतर सड़क संपर्क ने जगतपुरा को जयपुर के नए हाउसिंग कैपिटल के रूप में स्थापित कर दिया है।
हवामहल सबसे ज्यादा आबादी वाला क्षेत्र
आबादी के लिहाज से हवामहल जोन सबसे आगे है। यहां 5.46 लाख से अधिक लोग निवास कर रहे हैं। इसके अलावा आदर्श नगर, सांगानेर और मानसरोवर जैसे क्षेत्रों में भी आबादी तेजी से बढ़ी है। दूसरी ओर परकोटे का हिस्सा माने जाने वाले किशनपोल जोन में सबसे कम करीब 2.27 लाख आबादी और 86,400 मकान दर्ज किए गए हैं।
छोटे हुए परिवार, बढ़े मकान
जनगणना के आंकड़े यह भी बताते हैं कि शहर में परिवारों का आकार लगातार छोटा हो रहा है। वर्ष 2011 में एक मकान में औसतन 6 से 7 लोग रहते थे, जबकि अब यह संख्या घटकर करीब 3 लोगों तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि संयुक्त परिवारों की जगह एकल परिवारों की संख्या बढ़ रही है। रिटायर्ड सीनियर टाउन प्लानर सतीश शर्मा के अनुसार मकानों की संख्या में असामान्य वृद्धि निवेश आधारित आवासीय विकास, किराया बाजार और भविष्य की मांग को ध्यान में रखकर किए गए निर्माण की ओर संकेत करती है।
US Iran Peace Deal: अमेरिका-ईरान शांति समझौते का वर्ल्ड लीडर्स ने किया स्वागत, जानिए कतर से लेकर फ्रांस तक किसने क्या कहा?
प्रमुख जोनों की आबादी
• हवामहल – 5,46,927
• विद्याधर नगर – 2,76,976
जनगणना के पहले चरण के आंकड़े बताते हैं कि जयपुर अब केवल राजस्थान की राजधानी नहीं, बल्कि तेजी से विकसित होती एक मेगासिटी के रूप में उभर रहा है, जहां आबादी से कहीं अधिक रफ्तार से आवासीय विस्तार हो रहा है।