Teacher Hostel Incharge: छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले में एक तरफ राज्य सरकार स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर एमसीबी जिले में 27 शिक्षकों को स्कूल के साथ-साथ आदिवासी छात्रावासों और आश्रमों का अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने का मामला चर्चा में है। इस फैसले ने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर नई बहस छेड़ दी है।
एमसीबी जिला पहले ही बोर्ड परीक्षाओं के कमजोर परिणामों को लेकर सवालों के घेरे में रहा है। ऐसे में शिक्षकों को अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां देने का निर्णय कई सवाल खड़े करता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षक का प्राथमिक दायित्व कक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, लेकिन अब उन्हें छात्रावासों की निगरानी, भोजन व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्य भी देखने होंगे।
जानकारी के अनुसार, कई शिक्षकों को ऐसे छात्रावासों का प्रभार दिया गया है, जो उनके स्कूलों से 15 से 20 किलोमीटर दूर स्थित हैं। दूसरी ओर, शिक्षकों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप के जरिए दर्ज की जाती है, जिससे दोनों स्थानों पर समय देना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। शिक्षकों के सामने अब सवाल है-वे पहले कक्षा में पढ़ाएं या छात्रावास में व्यवस्थाएं संभालें?


