ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की लपटें एक बार फिर तेज हो रही है. अमेरिका ने ईरान पर सातवीं रात को भी हमला किया है. US सेंट्रल कमांड ने कहा कि उनका मकसद ईरानी मिलिट्री की काबिलियत को कमजोर करना जारी रखना था. ईरान के हेल्थ मिनिस्ट्री ने शुक्रवार को बताया कि ईरान के कई प्रांतों में US के हमलों में कम से कम 38 लोग मारे गए हैं और 400 से ज्यादा घायल हुए हैं. हमलों में पुलों, बिजली की सुविधाओं और चाबहार के शाहिद कलंतरी पोर्ट पर मैरीटाइम कंट्रोल टावर समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है.
ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक किए गए हमलों में होर्मोजगान, बुशहर, सिस्तान और बलूचिस्तान, खुजेस्तान और लोरेस्तान प्रांतों के इलाकों पर असर पड़ा है. ईरान के हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा कि मरने वालों में तीन महिलाएं और 18 साल से कम उम्र का एक आदमी शामिल है, जबकि 47 घायल लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं. इन हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी हमलों में सऊदी अरब, बहरीन और इराक में हमला किया है. सऊदी अरब में ईरान ने 4 महीने में पहली बार हमला किया है. ईरान ने कहा है कि अमेरिका हमलों के जवाब में समंदर को नर्क बना देंगे.
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दो तेल टैंकर माइंस से टकराए
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो तेल टैंकर माइंस से टकरा गए और उनमें धमाका हो गया. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इस स्ट्रेटेजिक रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे चार जहाजों को रोका था. गार्ड्स ने कहा कि जिन टैंकरों पर माइंस लगी थीं, उन्हें धोखा देने वाली अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने भेजा था और उनमें आग लग गई थी.
ईरानी शहरों में धमाका
IRNA की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, US हमलों की घोषणा के तुरंत बाद ईरान के सेंट्रल शहर यज्द में पांच धमाके सुने गए. एक और सरकारी एजेंसी मेहर ने देश के दक्षिण के कई प्रांतों में धमाकों की खबर दी.
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अमेरिका हमलों पर ईरान का क्या कहना है?
सरकारी न्यूज एजेंसी IRIB के मुताबिक, ईरानी मेजर जनरल मोहसेन रेजाई ने कहा कि तेहरान ने धमकी दी है कि अगर आने वाले दिनों में US के हमले जारी रहे तो वह पूरे पैमाने पर हमले फिर से शुरू कर देगा. उन्होंने कहा, “ईरान अब सिर्फ जवाबी कार्रवाई तक ही सीमित नहीं रहेगा और कोई भी राजनीतिक बॉर्डर सुरक्षित नहीं रहेगा.”