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संपत्ति पंजीयन में भारी बढ़त
राज्य में संपत्ति की खरीदी में आई तेजी का मुख्य कारण पंजीयन दरों में दी गई छूट और प्रक्रियाओं का सरलीकरण है। जरूरतमंदों के साथ-साथ निवेशकों ने भी संपत्ति में निवेश बढ़ा दिया है। महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट के प्रावधान के के चार महीनों में ही 40,886 से अधिक पंजीयन दस्तावेज महिलाओं के नाम पर दर्ज किए जा चुके हैं। इस छूट ने महिलाओं के नाम जमीन और मकान की रजिस्ट्री को बढ़ावा दिया है।
शुल्क रियायत एवं प्रक्रिया सुधार
राज्य सरकार ने पारिवारिक विलेखों पर भी राहत दी है। परिवार के भीतर दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारे के दस्तावेज पर पंजीयन शुल्क घटाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट मिली है। विभिन्न प्रावधानों के माध्यम से आम नागरिकों को लगभग 1,100 करोड़ रुपये की पंजीयन शुल्क संबंधी रियायतें दी गई हैं। लोगों को घर बैठे रजिस्ट्री कराने की सुविधा भी दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत अब तक 2.78 लाख से अधिक स्वतः नामांतरण पूरे हो चुके हैं।
त्योहारी सीजन की विशेष तैयारी
त्योहारी सीजन को देखते हुए पंजीयन कार्यालयों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 14 सितंबर से गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू हो रहा है, जिसके बाद नवरात्र, दशहरा और दिवाली तक प्रापर्टी की खरीद-बिक्री और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। इन अवसरों पर अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री की व्यवस्था की जाएगी। पंजीयन एवं मुद्रांक रायपुर के आईजी पुष्पेंद्र मीणा ने बताया कि त्योहारी सीजन में रजिस्ट्री का कार्य बाधित न हो, इसके लिए सभी पंजीयन कार्यालयों को विशेष निर्देश दिए गए हैं