नई व्यवस्था के तहत प्रीमियम शराब दुकानों में शराब की बिक्री के लिए नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्राहकों को शराब खरीदने के बाद क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल भुगतान करना होगा। सरकार का यह कदम शराब दुकानों में लेनदेन को पारदर्शी बनाने और ओवररेटिंग की शिकायतों पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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ओवररेटिंग की शिकायतों पर लगेगी रोक
प्रीमियम शराब दुकानों में निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए आबकारी विभाग ने भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल करने का निर्णय लिया है।
कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद हर लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे शराब की निर्धारित कीमत और ग्राहक से लिए गए वास्तविक भुगतान के बीच अंतर की जांच करना आसान होगा। अगर किसी दुकान पर तय कीमत से अधिक राशि वसूली जाती है, तो डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के आधार पर शिकायत की जांच की जा सकेगी।
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49 प्रीमियम दुकानों में लागू होगी व्यवस्था
आबकारी विभाग की नई व्यवस्था प्रदेश की सभी 49 प्रीमियम शराब दुकानों में लागू होगी। 1 अक्टूबर से इन दुकानों पर शराब की बिक्री केवल डिजिटल भुगतान के माध्यम से की जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे बिक्री और भुगतान प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और ओवररेटिंग जैसी शिकायतों पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।