नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी से उठा ‘अर्नब चक्रवात’ भले ही कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसका प्रभाव देश के कई हिस्सों में अब भी देखने को मिल रहा है। दिल्ली में बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लगातार बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने आज भी 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
जिन राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में बारिश से बिगड़े हालात
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में करीब 60 घंटे से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। अलग-अलग घटनाओं में 13 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 32 जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रदेश के 63 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
राजधानी लखनऊ में भारी बारिश के कारण पुराने शहर के हुसैनाबाद इलाके में एक ऐतिहासिक गेट का हिस्सा गिर गया। यह इलाका काफी व्यस्त रहता है और यहां से वाहनों की आवाजाही होती है। हालांकि घटना के समय आसपास भीड़ कम होने के कारण किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रास्ते को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया।
लखनऊ में KKC के पास एक कार पर पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं बरेली के बारादरी मॉडल टाउन इलाके में भी कार पर पेड़ गिरने की घटना सामने आई। घटना CCTV कैमरे में कैद हुई, जिसमें पेड़ गिरते ही एक महिला भागकर अपनी जान बचाती दिखाई दे रही है।
प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है। हालांकि, अगले 24 घंटे के बाद मौसम में सुधार की संभावना जताई गई है।
नेपाल सीमा से लगे जिलों में प्रशासन विशेष निगरानी कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेस्क्यू टीमों को अलर्ट मोड पर रखने और प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी करने को कहा गया है।
लखनऊ में भी बारिश और जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए डीएम और नगर आयुक्त ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों को जलनिकासी समेत जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।
कानपुर से गोरखपुर तक जलभराव
लगातार बारिश के कारण कानपुर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है। गोरखपुर में शनिवार को तेज हवा के साथ हुई भारी बारिश के बाद कई सड़कें और बाजार पानी में डूब गए। कई स्थानों पर बारिश का पानी घरों और दुकानों में भी घुस गया।
गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे पर भी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। टोल गेट के पास करीब तीन फीट पानी जमा होने की सूचना है। बशीरतगंज के पास भी पानी भरने से वाहनों की रफ्तार धीमी रही।
इस बीच, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जलमग्न गंगा एक्सप्रेसवे की तस्वीर साझा की और राज्य सरकार पर निशाना साधा।
बिहार में प्रशासन अलर्ट
बिहार में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही बारिश को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें 17 संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। बैठक में संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। NDRF और SDRF को भी पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में नदियां उफान पर
छत्तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं। कई जगह सड़कें पानी में डूब गई हैं, जबकि निचले इलाकों में खेतों और घरों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है।
रायपुर में खारून नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे पर भी जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बस्तर में इंद्रावती नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। भारी बारिश के बाद कई गांवों में पानी भर गया। निचले इलाकों में फंसे लोगों को NDRF की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
सिक्किम में राहत और बचाव अभियान जारी
सिक्किम में क्लाउडबर्स्ट के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है। रिंबी इलाके में मिट्टी और मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। यहां करीब 36 से 37 परिवार प्रभावित हुए हैं, जबकि कुछ मकानों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
पहाड़ों पर बारिश के साथ बर्फबारी
मैदानी इलाकों में जहां बारिश और जलभराव ने परेशानी बढ़ाई है, वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है।
उत्तराखंड के चमोली जिले के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है। हेमकुंड साहिब में लगातार बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ धाम में भी बारिश के कारण तापमान नीचे गया है।
बारिश और बर्फबारी को देखते हुए चारधाम यात्रा दो दिनों के लिए रोक दी गई है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। कूनोचारंग-छितकुल क्षेत्र में बर्फबारी से सेब की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी जारी है, जबकि निचले इलाकों में बारिश का दौर बना हुआ है।
देश के कई हिस्सों में बारिश, जलभराव और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राहत एजेंसियां अलर्ट पर हैं।



