भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी इशिता भाटिया की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा है। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर की रहने वाली इशिता ने कई असफलताओं का सामना करने के बाद भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और आखिरकार UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर IPS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।
इशिता भाटिया का जन्म 17 अगस्त 1997 को हुआ था, जबकि 26 अगस्त 2024 को उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा जॉइन की। वह 2024 बैच की उन महिला IPS अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने लगातार प्रयास और मेहनत के दम पर अपनी पहचान बनाई।
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तीसरे प्रयास में हासिल की UPSC में सफलता
इशिता भाटिया ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 में अखिल भारतीय स्तर पर 817वीं रैंक हासिल की और IPS अधिकारी बनीं। यह सफलता उन्हें अपने तीसरे प्रयास में मिली।
इससे पहले उनके पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं। वहीं दूसरे प्रयास में वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की।
10 असफलताओं के बाद मिली बड़ी कामयाबी
इशिता भाटिया ने अपने सफर में करीब 10 प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता का सामना किया। हालांकि उन्होंने इन नाकामियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
साल 2020 में उन्होंने UPSC की भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा में सफलता हासिल की थी। इसमें उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर 104वीं रैंक मिली थी। वन सेवा अधिकारी बनने के बाद भी उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी और बाद में IPS अधिकारी बनने में सफल रहीं।
अधिकारियों के बच्चों के साथ पढ़ाई से मिली प्रेरणा
इशिता भाटिया ने बताया कि उनकी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल में हुई, जहां कई IAS और IPS अधिकारियों के बच्चे पढ़ते थे। अधिकारियों को मिलने वाला सम्मान और समाज सेवा का अवसर देखकर उनके मन में भी सिविल सेवा में जाने की इच्छा पैदा हुई।
यहीं से उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखना शुरू किया और उसे पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करती रहीं।
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NIT हमीरपुर से की इंजीनियरिंग
इशिता भाटिया ने साल 2015 से 2019 के बीच NIT हमीरपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।
कई असफलताओं के बावजूद उन्होंने प्रयास जारी रखा और 24 साल की उम्र में भारतीय वन सेवा अधिकारी बनीं। इसके बाद अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने IPS अधिकारी बनने का मुकाम हासिल किया।
इशिता ने 29 नवंबर 2023 को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपने संघर्ष और असफलताओं के बारे में जानकारी साझा की थी, जिसमें उन्होंने अपनी यात्रा को बताया था।



