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सरकार से सलाह के बाद लिया गया फैसला
टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) ने सरकार से परामर्श करने के बाद यह निर्णय लिया और अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) को आधिकारिक रूप से सूचित किया। FIH इसके बाद हॉकी इंडिया को भी जानकारी देगा। यह भारत में होने वाला दूसरा हॉकी टूर्नामेंट हैं, जिससे पाकिस्तान ने नाम वापस लिया है। इससे पहले उन्होंने बिहार के राजगीर में हुए मेन्स एशिया कप से भी नाम वापस लिया था।
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पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने की पुष्टि
PHF के सचिव राणा मुजाहिद ने जानकारी देते हुए कहा कि हां, मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं। हाल ही में हुए एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट ने दिखा दिया कि भारत में पाकिस्तान के खिलाफ भावनाएं बहुत तीव्र हैं। हमारे खिलाड़ी और उनके खिलाड़ियों ने हैंड शेक नहीं किया। उन्होंने ट्रॉफी भी नहीं ली।
PHF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह फैसला पाकिस्तान सरकार और स्पोर्ट्स बोर्ड की सलाह के बाद लिया गया। सरकार ने हमें बताया कि मौजूदा राजनीतिक तनाव में भारत भेजना सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा होगा। इसलिए हमने टीम को नहीं भेजने का निर्णय लिया। अधिकारी ने कहा कि हमें पता है कि यह जूनियर टीम के लिए बड़ा नुकसान है, लेकिन इतनी नकारात्मक भावनाओं के बीच यह निर्णय सही और समझदारी भरा है।
पाकिस्तान ने अगस्त में एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट से भी नाम वापस लिया था। उस समय उनका स्थान बांग्लादेश ने लिया था। उस फैसले के चलते पाकिस्तान अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया।