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कमरे के साइज के हिसाब से सही टन क्षमता न चुनना
सबसे आम गलती है गलत टन का एसी खरीद लेना. छोटा कमरा हो और आप ज्यादा टन का एसी ले लें तो बिजली की खपत बेवजह बढ़ेगी. वहीं बड़ा कमरा हो और कम टन का एसी लगाएं तो मशीन पर ज्यादा दबाव पड़ेगा और वह लगातार चलेगा. इसलिए कमरे का क्षेत्रफल, छत की ऊंचाई और धूप की दिशा देखकर ही 1 टन, 1.5 टन या 2 टन का चुनाव करें.
स्टार रेटिंग को नजरअंदाज करना
एसी की एनर्जी स्टार रेटिंग सीधे बिजली खपत से जुड़ी होती है. 5-स्टार मॉडल शुरुआत में थोड़ा महंगा लग सकता है लेकिन लंबे समय में यह कम बिजली खर्च करता है. अगर आप सिर्फ सस्ता विकल्प देखकर 2 या 3-स्टार एसी ले लेते हैं तो हर महीने ज्यादा यूनिट खर्च होंगी और बिल बढ़ जाएगा.
इन्वर्टर तकनीक को समझे बिना खरीदारी
आजकल इन्वर्टर एसी ज्यादा लोकप्रिय हैं क्योंकि वे कमरे के तापमान के अनुसार कंप्रेसर की स्पीड को एडजस्ट करते हैं. इससे बिजली की बचत होती है और कूलिंग भी स्थिर रहती है. लेकिन कई लोग पारंपरिक नॉन-इन्वर्टर एसी सिर्फ कम कीमत के कारण ले लेते हैं जो लंबे समय में ज्यादा बिजली खपत करता है.
इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस पर ध्यान न देना
सही इंस्टॉलेशन भी उतना ही जरूरी है जितना सही मॉडल चुनना. अगर आउटडोर यूनिट धूप में सीधे रख दी गई या पाइपिंग ठीक से नहीं हुई तो एसी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. साथ ही, समय-समय पर सर्विस और फिल्टर की सफाई न कराने से कूलिंग घटती है और बिजली की खपत बढ़ती है.
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समझदारी से करें फैसला
एसी खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि टन क्षमता, स्टार रेटिंग, इन्वर्टर तकनीक और सही इंस्टॉलेशन पर ध्यान दें. थोड़ी समझदारी और सही जानकारी आपको हर महीने आने वाले भारी बिजली बिल से बचा सकती है.