राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं के परिणाम में जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र के पांचे का तला और बाहला के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूलों का प्रदर्शन बेहद चिंताजनक रहा है. दोनों स्कूलों में इस बार एक भी छात्र पास नहीं हो पाया, जिससे ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. बाहला स्कूल से 9 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें 8 फेल हो गए जबकि 1 को सप्लीमेंट्री मिली है. वहीं पांचे का तला स्कूल में 2 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और दोनों ही असफल रहे. इन आंकड़ों ने स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है.
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जिले में 22 सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 50 प्रतिशत से कम
जिले में चार अन्य सरकारी स्कूल ऐसे भी सामने आए हैं, जहां सबसे अधिक विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री मिली है. इस रिजल्ट में बाहला और पांचे का तला के अलावा प्रभुपुरा और भुर्जगढ़ के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का रिजल्ट भी चिंताजनक रहा. प्रभुपुरा के सेकेंडरी स्कूल से 24 स्टूडेंट ने एग्जाम दिया था. इसमें से केवल 4 पास हुए. जबकि 14 की सप्लीमेंट्री आई और 6 फेल हो गए. यदि पूरे जिले की बात करें तो 22 सरकारी और 2 निजी स्कूलों का परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा है, जबकि 172 सरकारी स्कूलों ने 100 प्रतिशत परिणाम दिया है.
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दोषी शिक्षकों पर होगी कार्यवाही
शिक्षा विभाग के अनुसार शिक्षकों की कमी इस खराब प्रदर्शन की बड़ी वजह मानी जा रही है. जिला शिक्षा अधिकारी महेश बिस्सा से जब हमने फोन पर बात करके मिलने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि अभी जैसलमेर शहर से बाहर हूं. पांचे के तला व बाहला के 10वीं में रिजल्ट शून्य होने के मामले में उन्होंने कहा कि इस मामले एनालिसिस जारी है. अगर वहां शिक्षक है तो दोषी अध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी. वहीं कुछ स्कूलों में 50 प्रतिशत से अधिक स्टूडेंट्स को स्पलिमेंट्री आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका भी आकलन कर रहे है. जल्द ही आपसे साझा करेंगे.