महाराष्ट्र के पालघर की रहने वाली किरण 63 वर्ष की हैं। उनका जीवन हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है जो न केवल मरीजों को एक उम्मीद देती हैं, बल्कि उनकी मदद के लिए भी काम कर रही हैं।
किरण पार्किंसन जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी में शरीर से कंपन, जकड़न और संतुलन की समस्याएं पैदा होती हैं। लेकिन इसके बावजूद, पिछले तीन वर्षों से किरण रोजाना सरकारी अस्पताल के 100 से अधिक मरीज़ों और उनके परिवारों को मुफ़्त में खिचड़ी खिला रही हैं।
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किरण ने कब की खिचड़ी सेवा की शुरुआत?
वर्ष 2021 में जब किरण एक अस्पताल गईं तो वहां उन्होंने कोविड मरीजों के चेहरों पर डर और भूख देखी। यह देखकर उनका दिल पिघल गया और उन्होंने प्रण लिया कि अब किसी भी मरीज को भूखा नहीं सोने देंगी। 2023 में उन्होंने डिप्टी कमिश्नर से अनुमति ली और अगली सुबह से ही सेवा शुरू कर दी।
खिचड़ी ही क्यों ?
किरण कहती हैं, खिचड़ी आराम देने वाला खाना है, पचाने में आसान और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। वो रोज सुबह 5 बजे उठकर 22 किलो खिचड़ी बनाती हैं, जिसमें मूंग दाल, चावल, गाजर, शिमला मिर्च, मटर और सेम होती है। वे आलू-प्याज से परहेज करती हैं ताकि हर मरीज उसे खा सके। फिर चार किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचती हैं और खुद हर मरीज के पास जाकर उन्हें खाना परोसती हैं।
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सेवा की आदत वर्षों पुरानी
किरण पहले भी अपने बेटे सेरेब्रल पाल्सी और बहू पोलीयो की देखभाल करती रहीं। उन्होंने गरीब बच्चों को पहली से दसवीं तक मुफ़्त पढ़ाई कराई। वे हमेशा दूसरों के लिए जीती आई हैं और अब बीमारी के बाद भी उनकी सेवा नहीं रुकी।