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क्या होती है दिक्कत?
डॉक्टर ने बताया कि अगर गलती से कोई छोटा टुकड़ा शरीर में चला भी जाए तो आमतौर पर बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं है. कुछ लोगों को इससे पेट में जलन, उलझन, हल्की मितली या पाचन से जुड़ी परेशानी हो सकती है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों में कभी-कभी यह गले में अटकने का खतरा भी बढ़ा सकता है. एक्सपर्ट यह भी बताते हैं कि अगर लंबे समय तक ऐसे रसायनों का सेवन होता रहे, तो शरीर पर इसका असर धीरे-धीरे दिख सकता है. भले ही कुछ गोंद को फूड-ग्रेड कहा जाता हो, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उसे सीधे खाया जा सकता है. इसलिए सावधानी बरतना ही सबसे बेहतर उपाय है.
आपको क्या करना चाहिए?
इस जोखिम से बचने के लिए सबसे आसान तरीका है कि फल और सब्जियों को खाने से पहले अच्छे से धोया जाए और उन पर लगे सभी स्टिकर हटा दिए जाएं. जरूरत हो तो इन्हें छीलकर भी खाया जा सकता है, ताकि किसी भी तरह का अब्जॉर्व शरीर में न जाए. इसके अलावा, फल और सब्जियों को साफ रखने के लिए कुछ और बातों का ध्यान रखना जरूरी है. इन्हें घर लाने के बाद अलग जगह पर रखें, फिर साफ पानी से अच्छी तरह धोएं. हल्के गुनगुने पानी में थोड़ी मात्रा में क्लोरीन मिलाकर भी इन्हें साफ किया जा सकता है, लेकिन साबुन या किसी केमिकल क्लीनर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
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इस बात का रखें ध्यान
जिन फलों और सब्जियों को ठंडा रखने की जरूरत हो, उन्हें फ्रिज में रखें और बाकी को खुले टोकरे या रैक में रखें. खाने की चीजों को कार या बाहर खुले में रखने से बचें.जहां इन्हें धोया गया हो, उस जगह को भी साफ रखें. छोटी-छोटी सावधानियां ही आपको बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती हैं.