राजस्थान में IPL के रोमांच के बीच क्रिकेट प्रेमियों की जेब पर साइबर ठगों की नजर है। टिकटों की भारी मांग का फायदा उठाकर जालसाज एक्टिव हो गए हैं। साइबर ठगों के बढ़ते जाल को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (साइबर अपराध) शान्तनु कुमार सिंह ने एक विशेष परामर्श जारी कर सतर्क रहने की अपील की है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने के लिए कई डिजिटल हथकंडे अपना रहे हैं। अपराधी असली टिकट बुकिंग साइट्स की हूबहू नकल तैयार करते हैं। जैसे ही कोई यूजर वहां अपने कार्ड की जानकारी डालता है, उसके खाते से पैसे साफ हो जाते हैं। गूगल पर सर्च करते समय सबसे ऊपर दिखने वाले फर्जी विज्ञापनों के जरिए लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। एडवाइजरी में बताया गया है कि इंस्टाग्राम, फेसबुक और टेलीग्राम पर VIP पास या कन्फर्म टिकट के नाम पर लुभावने ऑफर देकर ठगी की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा भुगतान के बाद व्हाट्सएप पर नकली क्यूआर कोड या ई-टिकट भेज दिए जाते हैं, जो स्टेडियम में मान्य नहीं होते।
उन्होंने बताया कि अपराधी सिर्फ दो टिकट बचे हैं या आखिरी ऑफर जैसे झांसे देकर लोगों पर तुरंत भुगतान का दबाव भी बनाते हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि टिकट हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या बुक माय शो जैसे अधिकृत पार्टनर से ही खरीदें। परामर्श में बताया गया कि किसी भी वेबसाइट पर भुगतान से पहले उसकी स्पेलिंग और सुरक्षा चिह्न की जांच जरूर करें। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
News Ghanti पर प्रकाशित सभी समाचार, लेख और जानकारियाँ केवल सामान्य सूचना एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम जानकारी की सटीकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की कोई गारंटी नहीं देते। वेबसाइट पर प्रकाशित विचार लेखकों के व्यक्तिगत हैं। किसी भी जानकारी के उपयोग से होने वाली हानि के लिए News Ghanti उत्तरदायी नहीं होगा।