जांच में पता चला कि प्रयागराज के सराय इनायत थाना क्षेत्र की बबीता उर्फ ‘चाची’ पत्नी रामबाली यादव, छत्तीसगढ़ की आर्थिक रूप से कमजोर बच्चियों को निशाना बनाती थी। वो उन्हें पढ़ाई-लिखाई, नौकरी और आर्थिक सहायता का लालच देकर अपने प्रभाव में लेती थी। पुलिस के मुताबिक के सुखाराम उर्फ सूखा उर्फ महावीर फौजदार इन बच्चियों को खरीदकर अलीगढ़ और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में मोटी रकम लेकर बेच देता था। एक नाबालिग की कीमत 70 हजार से 1 लाख रुपए तक तय की जाती थी।
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नाबालिगों को ही क्यों बनाते थे निशाना?
एसपी मनीष मिश्रा के मुताबिक, गिरोह जानबूझकर नाबालिग बच्चियों को निशाना बनाता था। आरोपियों को लगता था कि कम उम्र में उन्हें अपने प्रभाव में लेना और ब्रेनवॉश करना आसान होगा। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बरामद बच्चियों के अलावा गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। गिरोह में राजस्थान का सुखाराम उर्फ सुखा भी शामिल था। पुलिस के अनुसार वह फर्जी पहचान के आधार पर रह रहा था।
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‘लीडर चाची’ समेत 5 गिरफ्तार, 3 बच्चियां रेस्क्यू
पूछताछ और जांच में मानव तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में थाना गौंडा क्षेत्र में रहने वाले सुखाराम उर्फ सूखा उर्फ महावीर फौजदारा, बबीता उर्फ चाची, बबलू, ओमपाल सिंह और विनोद को टप्पल थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर तीन बच्चियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित किया गया।