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बोगी से लेकर पूरी ट्रेन बुक करने की है व्यवस्था
ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि रेलवे में क्या करने की इजाजत है और क्या करने की इजाजत नहीं है. दरअसल रेलवे में एक सीट से लेकर पूरी बोगी या फिर फिर पूरी ट्रेन तक बुक करने की व्यवस्था है. शादी या ग्रुप टूर के लिए पूरी ट्रेन या कोच बुक किया जा सकता है. अगर आप भी अपनी शादी, धार्मिक यात्रा या फैमिली टूर के लिए पूरा कोच या पूरी स्पेशल ट्रेन बुक करना चाहते हैं, तो रेलवे फुल टैरिफ रेट (FTR) योजना के तहत यह सुविधा देता है. हालांकि, इस दौरान ट्रेन में किसी तरह के बदलाव की इजाजत नहीं होती है. लेकिन, आम तौर पर ऐसी यात्राओं से संबंधित पोस्टर और फूल-मालाओं से ट्रेन को सजाने की तस्वीर अक्सर सामने आती रहती है. इस ताजा मामले में भी रेलवे अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि चूंकि यात्री ने पूरा कंपार्टमेंट बुक किया हुआ था, इसलिए वह प्राइवेसी के दायरे में था.
बोगी या पूरी ट्रेन बुकिंग के जरूरी नियम
- यात्रा की तारीख से न्यूनतम 30 दिन पहले और अधिकतम 6 महीने पहले बुकिंग की जा सकती है.
- किसी रेगुलर ट्रेन में तकनीकी उपलब्धता के आधार पर अधिकतम 2 कोच बुक किए जा सकते हैं.
- अगर पूरी स्पेशल ट्रेन बुक करनी है, तो उसमें कम से कम 18 कोच (2 जनरेटर/SLR कोच अनिवार्य) और अधिकतम 24 कोच होने चाहिए.
- चार्टर्ड कोच केवल उन्हीं स्टेशनों पर जोड़े या हटाए जा सकते हैं, जहां उस ट्रेन का कम से कम 5 मिनट का स्टॉपेज हो.
कितना आता है खर्च (Security Deposit)?
- एक कोच के लिए: ₹50,000 का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट करना होता है.
- पूरी ट्रेन के लिए: कम से कम ₹9 लाख (18 कोच × ₹50,000) का रिफंडेबल डिपॉजिट कराना होता है.
- नोट- ध्यान रहे कि यह सिर्फ सिक्योरिटी डिपॉजिट है, यात्रा का वास्तविक किराया रूट के अनुसार अलग से देना होगा. ऑनलाइन बुकिंग पर कुल किराए पर 5% सुविधा शुल्क भी लगता है.
ये हैं बुकिंग का ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीका
- ऑनलाइन: IRCTC के FTR पोर्टल (`ftr.irctc.co.in`) पर जाएं, रजिस्ट्रेशन करें, अपनी यात्रा की डिटेल भरें और सिक्योरिटी डिपॉजिट का भुगतान कर FTR रेफरेंस नंबर प्राप्त करें.
- ऑफलाइन: यात्रा शुरू होने वाले स्टेशन के मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक (CRS) या स्टेशन मैनेजर को लिखित आवेदन दें. इसके साथ आपको कार्यक्रम का विवरण जैसे शादी का कार्ड और यात्रियों की सूची जमा करानी होगी.
ट्रेन सफर से पहले जान लें ये नियम
ट्रेन में सफर से लेकर साथ ले जाने वाले सामान की भी सूची भी तय की गई है. इसके साथ इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के भी प्रावधान है. दरअसल, ट्रेन में यात्रा के दौरान क्या ले जाने की अनुमति है और क्या नहीं. भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत यात्री अपने निजी उपयोग की चीजें तय सीमा तक मुफ्त ले जा सकते हैं.
क्सास के मुताबिक मुफ्त सामान ले जाने की सीमा
- AC फर्स्ट क्लास: 70 किलोग्राम तक
- AC 2 टियर: 50 किलोग्राम तक
- AC 3 टियर / AC चेयर कार: 40 किलोग्राम तक
- स्लीपर क्लास: 30 किलोग्राम तक
- तय सीमा से अधिक सामान होने पर उसे ब्रेक वैन या लगेज वैन में शुल्क देकर बुक कराना जरूरी है.
क्या ले जाने की है इजाजत?
- कपड़े, जूते, सूटकेस, बैग और साबुन, शैम्पू आदि.
- मोबाइल, लैपटॉप और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण.
- यात्रा के लिए घर का बना या पैक किया हुआ भोजन.
- निजी उपयोग के लिए सीलबंद शराब की बोतल, बशर्ते गंतव्य राज्य में शराबबंदी न हो. हालांकि, ट्रेन के भीतर शराब पीना पूरी तरह मना है.
- पालतू जानवर (सिर्फ फर्स्ट क्लास या एसी फर्स्ट क्लास में, अग्रिम बुकिंग और निर्धारित नियमों के तहत.
इन चीजों पर है पूरी तरह प्रतिबंध
- ट्रेन में पटाखे, बारूद
- बिना लाइसेंस के हथियार
- पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, गैस सिलेंडर,
- स्टोव, हीटर, तेजाब या कोई भी खतरनाक रसायन ले जाना सख्त मना है.
- इसके अलावा बदबूदार, गंदे या मरे हुए जानवर जैसी चीजें भी प्रतिबंधित हैं.
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नियम तोड़ने पर है सजा का प्रावधान
रेलवे अधिनियम की धारा 164 और 165 के तहत प्रतिबंधित और खतरनाक सामान लेकर यात्रा करना दंडनीय अपराध है. ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल, 10,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं.