क्या आपने बिना बिजली के चलने वाले AC के बारे में सुना है? जी हां, वैज्ञानिकों ने एक ऐसा एसी बना लिया है, जिसे चलाने के लिए बिजली की जरूरत नहीं होती है। यह विज्ञान के सिद्धांत पर काम करता है। साइंटिस्ट का दावा है कि यह एसी महज 20 मिनट में कमरे का तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस तक कम कर सकता है। इसका मतलब है कि अगर आप अपने घर पर यह एसी लगा लेंगे तो 45 डिग्री की चिलचिलाती गर्मी में भी कमरा पूरी तरह ठंडा हो जाएगा।
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क्या है बिना बिजली वाला AC?
साइंटिस्ट्स ने इस बिना बिजली से चलने वाले एसी को NESCOD यानी नो इलेक्ट्रिसिटी एंड सस्टेनेबल कूलिंग ऑन डिमांड रखा है। इस एसी की टेक्नोलॉजी के बारे में साउदी अरब के साइंटिस्ट्स ने रॉयल सोसाइटी ऑफ कैमिस्ट्री के एक जर्नल में पब्लिश किया है। लैब टेस्ट के मुताबिक, बिना बिजली वाला यह एसी 191 वॉट प्रति स्क्वायर मीटर की क्षमता से कमरे को ठंडा कर सकता है।
इस एसी में 3D सोलर रीजेनरेटर लगा है, जो धूप, पानी और अमोनियम नाइट्रेट के घोल को भाप में लगातार बदलता रहता है। इस तरह से यह एसी पूरे दिन भर कमरे को लगातार ठंडा कर सकता है। यह एसी कूलिंग साइकिल पर काम करता है, जो एंडोथर्मिक रिएक्शन क्रिएट करके वातावरण को ठंडा करता है।
कैसे करता है काम?
आसान भाषा में कहा जाए तो जब अमोनियम नाइट्रेट को पानी में घोला जाता है तो एंडोथर्मिक रिएक्शन होता है, जो वातावरण में मौजूद गर्म हवा को तेजी से ठंडा करता है। साइंस के इस सिद्धांत पर काम करने वाले एसी को चलाने के लिए किसी भी इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल नहीं होता है। बस अमोनियम नाइट्रेट और पानी की जरूरत होती है। रिसर्च के मुताबिक, यह एसी 20 मिनट के अंदर कमरे का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से गिराकर 3.2 डिग्री तक कर देता है।
यह एसी लगातार काम करता रहे इसके लिए वैज्ञानिकों ने 3D सोलर रीजेनरेटर का इस्तेमाल किया है, जो लगातार अमोनियम नाइट्रेट और पानी के घोल को गर्म करके भाप बनाता है, जिससे अमोनियम नाइट्रेट फिर से मिल जाता है। यह प्रक्रिया पूरे दिन भर लगातार चलता है। पानी और अमोनियम नाइट्रेट कमरे को ठंडा करता है और फिर पानी भाप बनकर उड़ जाता है और बचा हुआ ठोस अमोनियम नाइट्रेट फिर से पानी में घोलकर कमरा को ठंडा करने के लिए उपलब्ध रहेगा।
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बिजली की होगी बचत
AC, फ्रिज आदि चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। पिछले दिनों आई रिपोर्ट्स की मानें तो जिस तरह से एसी की डिमांड है, आने वाले समय में DISCOM को ज्यादा से ज्यादा बिजली पैदा करना पड़ेगा। NESCOD पर बेस्ड यह एसी भविष्य की बिजली खपत को काफी कम कर देगा। बिजली का इस्तेमाल अन्य कामों के लिए किया जा सकेगा।