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AI से तैयार हुआ डिजिटल ट्विन
South China Morning Post की रिपोर्ट के मुताबित, परिवार ने एक AI विशेषज्ञ टीम की मदद ली जिसका नेतृत्व झांग जेवेई नाम के विशेषज्ञ ने किया. टीम ने पुराने फोटो, वीडियो और आवाज की रिकॉर्डिंग के आधार पर बेटे का बेहद असली जैसा डिजिटल वर्जन तैयार किया. यह AI अवतार सिर्फ दिखने में ही नहीं बल्कि बोलने के अंदाज, हाव-भाव और आदतों में भी असली व्यक्ति जैसा ही लगता है. बातचीत के दौरान उसका आगे झुकना और बोलने का तरीका भी बिल्कुल पहले जैसा ही रखा गया है.
वीडियो कॉल पर होती है रोज बातचीत
अब यह डिजिटल बेटा नियमित रूप से वीडियो कॉल के जरिए अपनी मां से बात करता है. दोनों के बीच बातचीत इतनी स्वाभाविक लगती है कि किसी को शक तक नहीं होता. मां अक्सर उसे खाने-पीने का ध्यान रखने, गर्म कपड़े पहनने और सफर में सावधान रहने की सलाह देती हैं. वहीं AI बेटा भी उसी भाव में जवाब देता है और कहता है कि वह दूसरे शहर में काम कर रहा है और पैसे कमाकर जल्द घर लौटेगा.
भावनात्मक सहारा
अब तक मां को बेटे की मौत के बारे में नहीं बताया गया है. परिवार का मानना है कि यह एक तरह का नरम झूठ है जो उन्हें अकेलेपन और दुख से बचा रहा है. AI विशेषज्ञ का कहना है कि उनका उद्देश्य लोगों को भावनात्मक सहारा देना है भले ही इसके लिए तकनीक का यह अनोखा इस्तेमाल करना पड़े.
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ लोगों ने इसे तकनीक का संवेदनशील और सकारात्मक इस्तेमाल बताया जबकि कई लोगों ने इसे गलत ठहराया. आलोचकों का कहना है कि इतने लंबे समय तक सच छुपाना भविष्य में और बड़ा सदमा दे सकता है. वहीं कुछ लोग इसे एक ऐसी खोज मानते हैं जो अपनों की कमी को किसी हद तक पूरा कर सकती है.