Padma Shri Devaki Amma: मिट्टी से पद्मश्री तक का सफर, केरल की देवकी अम्मा की प्रेरक कहानी
भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की भूमि पर किसी भी आयोजन की अनुमति देने से पूर्व बीएसपी प्रबंधन की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही, नगरीय निकायों द्वारा क्षेत्रफल के आधार पर निर्धारित शुल्क लिया जाएगा, जिसकी जानकारी तत्काल कलेक्टर कार्यालय में दी जाएगी और दरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसी क्रम में, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए प्रत्येक अनुमति से पूर्व पुलिस विभाग का अभिमत अनिवार्य किया गया है।
जमा करनी होगी अग्रिम सुरक्षा निधि
सार्वजनिक संपत्ति को क्षति या विरूपण से बचाने के लिए 5000 वर्ग फीट तक के आयोजनों हेतु 10,000 रुपये तथा उससे अधिक के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से अग्रिम सुरक्षा निधि जमा ली जाएगी, जिसे आयोजन समाप्ति के 1 सप्ताह बाद स्थल निरीक्षण व पंचनामा उपरांत नुकसान न पाए जाने पर लौटा दिया जाएगा। साथ ही साथ ही अग्निशामक यंत्र, रेत एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखनी होगी।
बनाने होंगे महिला-पुरुष शौचालय
आयोजकों को अनुमानित संख्या के आधार पर पर्याप्त महिला एवं पुरुष शौचालय बनाने होंगे अथवा नगरीय निकाय पृथक शुल्क लेकर यह व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। सुरक्षा के लिहाज से 5000 वर्ग फीट तक के आयोजन में न्यूनतम 8 तथा उससे अधिक क्षेत्रफल के आयोजनों में उसी अनुपात में अच्छी गुणवत्ता सीसीटीवी कैमरे (कम से कम 3 दिन के रिकॉर्डिंग बैकअप के साथ) प्रवेश, निकास, पार्किंग, मूर्ति स्थल व मनोरंजन क्षेत्रों को कवर करते हुए लगाने अनिवार्य होंगे। बिजली कंपनी या बीएसपी विद्युत विभाग से अनापत्ति, अस्थाई कनेक्शन (मीटर सहित) तथा सुरक्षा निधि वापसी से पूर्व नो-ड्यूस प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
पार्किंग के लिए न्यूनतम 50% भाग
पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए कुल आवेदित स्थल का न्यूनतम 50 प्रतिशत भाग पार्किंग हेतु आरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है, इसके लिए कोई अवैध पार्किंग शुल्क नहीं वसूला जाएगा। इसके अलावा, झूलों, मनोरंजन यंत्रों एवं 15 फीट से ऊंची झांकियों / गुफाओं के लिए लोक निर्माण विभाग या संबंधित निकाय के इंजीनियर से तकनीकी सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! Jan Vishwas Act लागू, रेलवे के नियम और पेनल्टी में हुआ बड़ा बदलाव
10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद
इसके साथ ही रात्रि 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध रहेगा। इसी तरह आयोजन स्थल एवं विसर्जन यात्रा मार्ग के आसपास पटाखे या आतिशबाजी का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। पूजा हेतु चंदा पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा और अनिवार्य रूप से रसीद दी जाएगी, जबरन वसूली की शिकायत पर सख्त कानूनी कार्यवाही होगी।