त्योहारी सीजन से पहले जयपुर एयरपोर्ट की बड़ी सौगात, बढ़ेंगी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स
बैठक में अधिकारियों ने ई-बस सेवा की संचालन व्यवस्था, नेटवर्क विस्तार, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। प्रमुख सचिव बोरा और निदेशक भानु प्रताप ने कहा कि ई-बस सेवा शुरू करने के लिए केवल बसें उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। इसके संचालन के लिए शहरों में पर्याप्त संख्या में बस स्टॉप, डिपो और चार्जिंग स्टेशन तैयार करना बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने ई-बस सेवा के रूट का निर्धारण शहरों की वास्तविक परिवहन आवश्यकताओं और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि रूट नियोजन ऐसा होना चाहिए जो आम लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचा सके। बैठक में स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, प्रमुख बाजारों, महत्वपूर्ण सरकारी तथा निजी संस्थानों और अन्य जनोपयोगी स्थलों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने वाले रूट तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया। ई-बस नेटवर्क में ऐसे क्षेत्रों को शामिल करने पर जोर दिया गया जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों, मरीजों और आम नागरिकों को शहर के विभिन्न हिस्सों तक आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का बेहतर और सुगम विकल्प मिल सकेगा।
निदेशक भानु ने डिपो, चार्जिंग स्टेशन और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए स्थान चयन तथा भूमि की उपलब्धता से जुड़े मामलों को तेजी से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने डिपो और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाएं जल्द पूरी होने से सभी चार शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन समय पर शुरू किया जा सकेगा।