Meloni Vs Trump : ट्रंप के दावे से मचा बवाल! बोले- फोटो के लिए ‘भीख मांग रही थीं’ मेलोनी, इटली PM ने दिया करारा जवाब
किन दवाओं पर लगाई गई रोक
अब जिन दवाओं के कॉम्बिनेशन पर रोक लगाई गई है, उनमें शामिल हैं एसिटाइल सैलिसिलिक एसिड के साथ एथोहेप्टाज़ीन; डाइसाइक्लोमाइन, पैरासिटामोल और क्लिडिनियम ब्रोमाइड, डाइसाइक्लोमाइन, पैरासिटामोल, क्लिडिनियम ब्रोमाइड और क्लोरडायज़ेपॉक्साइड, ग्लिक्लाज़ाइड के साथ क्रोमियम पिकोलिनेट और पैरासिटामोल के साथ लिग्नोकेन। मंत्रालय ने एंटीबायोटिक कॉम्बिनेशन के कई ग्रुप पर भी रोक लगा दी है, जिनमें एमोक्सिसिलिन के साथ सेराटियोपेप्टिडेज़, एमोक्सिसिलिन के साथ सेराटियोपेप्टिडेज़ और लैक्टोबैसिलस स्पोरोजेन्स, एमोक्सिसिलिन के साथ क्लोक्सासिलिन, लैक्टिक एसिड बैसिलस और सेराटियोपेप्टिडेज़, सेफैड्रोक्सिल के साथ प्रोबेनेसिड और सेफुरोक्सिम के साथ सेराटियोपेप्टिडेज़ शामिल हैं।
इसके अलावा, यह नोटिफिकेशन उन स्किनकेयर और डर्मेटोलॉजिकल फ़ॉर्मूलेशन पर भी लागू होता है जिनमें एलोवेरा या एलो एक्सट्रैक्ट के साथ विटामिन E, जोजोबा ऑयल, ऑरेंज ऑयल, व्हीट जर्म ऑयल, टी ट्री ऑयल, एलेंटोइन और D-पैन्थेनॉल जैसे इंग्रीडिएंट्स शामिल हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद ‘फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन’ (FDC) दवाओं की व्यापक जांच के बाद उठाया गया है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए, ‘ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड’ ने मौजूदा फॉर्मूलेशन का आकलन करने और ऐसे कॉम्बिनेशन की पहचान करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया, जिन्हें तर्कहीन, चिकित्सीय रूप से अप्रमाणित या संभावित रूप से असुरक्षित माना गया।
21 जून को डबल धमाका! श्रीलंका और इंग्लैंड में एक्शन में उतरेगी टीम इंडिया, जानें दोनों मैचों का समय
FDC दवाएं क्यों होती है
FDC दवाएं ऐसे फ़ॉर्मूलेशन हैं जिनमें दो या उससे ज़्यादा एक्टिव फ़ार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स को तय अनुपात में मिलाया जाता है। इस रोक की वजह बताते हुए मंत्रालय ने कहा कि जिन कॉम्बिनेशन की पहचान की गई है, उनके इस्तेमाल का कोई चिकित्सीय आधार नहीं था और इनसे जुड़े जोखिमों को देखते हुए इनका लगातार इस्तेमाल फायदेमंद नहीं माना गया। सरकार ने कहा कि इस नए कदम का मकसद लोगों की सेहत की रक्षा करना, सही तरीके से दवाएं लिखने को बढ़ावा देना और यह पक्का करना है कि बाज़ार में मिलने वाली दवाएं वैज्ञानिक सबूतों पर आधारित हों। सरकार ने यह भी बताया कि पहले हुई वैज्ञानिक समीक्षाओं के आधार पर, पिछले कुछ सालों में दूसरे बेमतलब के FDC फ़ॉर्मूलेशन पर रोक लगाई गई थी। राज्य स्तर के अधिकारियों, जिनमें ड्रग रेगुलेटर और एनफोर्समेंट एजेंसियां शामिल हैं, से इस आदेश को लागू करने को कहा गया है। वहीं, मैन्युफैक्चरर्स, इम्पोर्टर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को कानून का पालन करने के लिए ज़रूरी सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।