भारतीय सेना में अफसर बनने के लिए कई एंट्री के तरीके मौजूद है. 12वीं के बाद उम्मीदवार एनडीए के जरिए सेना, वायु सेना और नौसेना में अफसर बन सकते हैं. इस परीक्षा को पास करने के बाद पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी में 3 साल की ट्रेनिंग दी जाती है.
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वहीं ग्रेजुएशन के बाद सीडीएस परीक्षा के जरिए भी सेना में अधिकारी बनने का मौका मिलता है. इसमें सफल उम्मीदवारों को इंडियन मिलिट्री एकेडमी, एयर फोर्स एकेडमी या नेवल एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है.
इसके अलावा महिलाओं के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत एंट्री का ऑप्शन है. वहीं टेक्निकल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवार टीईएस और यूईएस जैसी स्कीम के जरिए भी अफसर बन सकते हैं.
एनडीए परीक्षा के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरूरी है, जिसमें फिजिक्स और मैथ्स सब्जेक्ट होने चाहिए. उम्र सीमा 16.5 वर्ष से 19.5 साल के बीच तय की गई है. सीडीएस के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन जरूरी है और उम्र सीमा 19 से 24 साल के बीच होनी चाहिए.
वहीं सेना में अफसर बनने की प्रक्रिया काफी सख्त होती है. सबसे पहले लिखित परीक्षा होती है, जिसमें जनरल नॉलेज, अंग्रेजी और गणित से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. इसके बाद सर्विस सेलेक्शन बोर्ड इंटरव्यू होता है, जो करीब 5 दिनों तक चलता है.
इस दौरान उम्मीदवार की मानसिक क्षमता, नेतृत्व कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और टीमवर्क को परखा जाता है. इसके बाद मेडिकल टेस्ट और मेरिट लिस्ट के आधार पर अंतिम चयन किया जाता है.
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वहीं सेना में चयन के दौरान कई उम्मीदवार ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो उनके सपने को तोड़ सकती है. आवेदन करते समय उम्र और फिजिकल मापदंडों को नजरअंदाज करना सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है.
इसके अलावा केवल रटकर पढ़ाई करना और बेसिक समझ विकसित न करना भी बड़ी गलती मानी जाती है.
फिजिकल फिटनेस पर ध्यान न देना भी एक बड़ी गलती मानी जाती है, क्योंकि सेना में फिजिकल क्षमता का खास महत्व होता है.
वहीं इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास की कमी भी कई बार सलेक्शन में दिक्कत बन सकती है.