तीनों सेनाओं के तालमेल पर जोर
सेना प्रमुख ने आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप और सेनाओं की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा, “भारतीय सेना और तीनों सेवाएं ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए बेहतरीन तैयारी कर रही हैं। अगर ऐसा करने की जरूरत पड़ती है तो और भी तैयारी होगी। वर्तमान में हमारा ध्यान तीनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल को बढ़ाने और अगले दौर के युद्ध के लिए खुद को चौबीसों घंटे लैस करने पर है।” उन्होंने आगे कहा, “आज युद्धक्षेत्र इतना पारदर्शी हो चुका है कि हर हलचल की खबर दूसरी तरफ को होती है। इसलिए हमें अपनी तैनाती, रणनीतिक उपयोग और सीमावर्ती इलाकों में अपने सैनिकों के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहना होगा।”
सूचना युद्ध पर दिया संदेश
जनरल द्विवेदी ने इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर यानी सूचना युद्ध पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह युद्ध तभी सफल होता है जब पूरा देश एक साझा नैरेटिव के पीछे एकजुट होता है। उन्होंने कहा, “सूचना युद्ध तभी सफल हो सकता है जब पूरा देश एक साथ आए और जानकारी देने वाले लोगों पर भरोसा करे। अगर ऐसा होता है तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जो देश एक-दूसरे पर भरोसा करता है, वह हमेशा युद्ध जीतता है।”
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क्या है ऑपरेशन सिंदूर का इतिहास?
7-8 मई 2025 की रात भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक बेहद कड़ा और जवाबी सैन्य अभियान शुरू किया था। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को दक्षिण कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी। उस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 26 लोगों की जान ले ली थी, जिसके जवाब में भारतीय सेना ने यह बड़ा कदम उठाया था।