नई दिल्ली : पूरी तरह से स्वदेशी और अत्याधुनिक तकनीक से लैस है युद्धपोत ‘महेंद्रगिरि’ को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। इससे भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा हुआ। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने इस युद्धपोत को तैयार किया है। नीलगिरि-श्रेणी (प्रोजेक्ट 17ए) का यह छठा युद्धपोत है। खास बात यह है कि इसका निर्माण पूरी तरह भारत में हुआ है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देता है। यह युद्धपोत आधुनिक तकनीकों से लैस है। इसे दुश्मन की नजरों से बचने यानी स्टेल्थ क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है। समुद्र में यह लंबे समय तक टिक सकता है और कई तरह के मिशन संभालने में सक्षम है।


