हर साल की तरह इस बार भी जेईई मेन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को ही जेईई एडवांस्ड में शामिल होने का मौका मिलेगा. अलग-अलग वर्गों के लिए कितने छात्रों को बुलाया जाएगा, इसकी संख्या पहले ही तय कर दी गई है. हालांकि, पिछले कुछ सालों के ट्रेंड को देखें तो यह संख्या 2.5 लाख से थोड़ी ज्यादा भी हो सकती है. इसकी वजह कई बार छात्रों के अंकों का बराबर होना होता है, जिसे टाई की स्थिति कहा जाता है.
जब दो या उससे ज्यादा छात्रों के अंक एक जैसे होते हैं, तो रैंक तय करने के लिए कुछ नियम अपनाए जाते हैं. सबसे पहले यह देखा जाता है कि किस छात्र के पॉजिटिव अंक ज्यादा हैं. जेईई एडवांस्ड में नेगेटिव मार्किंग भी होती है, यानी गलत जवाब देने पर नंबर कटते हैं. ऐसे में सही सवालों का चयन बहुत अहम हो जाता है. अगर पॉजिटिव अंक भी बराबर होते हैं, तो पहले गणित के अंक देखे जाते हैं. इसके बाद भी बराबरी रहने पर फिजिक्स के नंबर देखे जाते हैं. अगर इन सभी के बाद भी स्कोर एक जैसा रहता है, तो ऐसे छात्रों को एक ही रैंक दे दी जाती है.
Sukma Encounter: 60 लाख के इनामी माओवादी ढेर, हार्डकोर नक्सली वेट्टी मंगड़ू उर्फ मुक्का भी मारा गया
पिछले वर्ष का हाल
पिछले वर्षों की बात करें तो 2024 में करीब 2 लाख 50 हजार 284 छात्र जेईई एडवांस्ड की दौड़ में थे. वहीं 2025 में यह संख्या थोड़ी कम होकर करीब 2 लाख 50 हजार 236 रही थी. 2025 में कटऑफ भी थोड़ा कम गया था, जिससे कुछ छात्रों को फायदा मिला. इसी तरह इस बार भी छात्रों को उम्मीद है कि अगर तैयारी अच्छी रही, तो आईआईटी में दाखिले का रास्ता खुल सकता है.
कब से कब तक होंगे रजिस्ट्रेशन?
जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 23 अप्रैल 2026 से शुरू होगी और 2 मई 2026 तक चलेगी. योग्य उम्मीदवार इस दौरान ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. परीक्षा का आयोजन एक ही दिन में दो शिफ्ट में किया जाएगा. पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी. दोनों पेपर देना सभी उम्मीदवारों के लिए जरूरी होगा. किसी एक पेपर में गैरहाजिर रहने पर छात्र को रैंक नहीं दी जाएगी.
Agniveer Admit Card: अग्निवीर भर्ती रैली के लिए एडमिट कार्ड जारी, सभी जिलों से अभ्यर्थी होंगे शामिल
क्या हैं नियम?
परीक्षा के नियमों के अनुसार, जेईई एडवांस्ड में बैठने के लिए उम्मीदवार की जन्म तिथि 1 अक्टूबर 2001 या उसके बाद की होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के छात्रों को नियमानुसार उम्र में छूट दी जाती है. इसके अलावा, कोई भी छात्र यह परीक्षा अधिकतम दो बार ही दे सकता है और वह भी लगातार दो वर्षों में. यानी अगर कोई छात्र पहले ही दो बार जेईई एडवांस्ड दे चुका है, तो उसे दोबारा मौका नहीं मिलेगा.