नेपाल में 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकले 2 मजदूर, भीषण बाढ़ में 1282 मौतें; 5000 अब भी लापता
वे पूर्व में भी राज्य शिक्षक सम्मान 2025 से सम्मानित हो चुकी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में नवीन प्रयोगों के साथ-साथ साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एक नवाचारी शिक्षिका के रूप में प्रियंका गोस्वामी ने विद्यालय में बच्चों की शैक्षणिक एवं रचनात्मक क्षमताओं के विकास के लिए कई उल्लेखनीय पहल की हैं। दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक पहुंचकर उन्हें शिक्षा से जोड़ना और सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना उनके समर्पण को दर्शाता है। वे विद्यालय में अनुशासन और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहती हैं।
बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर खेल, कला, साहित्य, सांस्कृतिक गतिविधियों, रचनात्मक लेखन, डिजिटल शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से जोड़ने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। पठन-पाठन में रुचि विकसित करने, प्रतिभाओं को मंच देने, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए वे लगातार प्रयास करती रही हैं। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, अनुशासन और सामाजिक सरोकार की भावना भी विकसित हो रही है।
Special Education Teachers Rajasthan: राजस्थान में विशेष शिक्षा शिक्षकों को बड़ी राहत, गैर-शैक्षणिक कार्यों से किया गया मुक्त
बच्चों में एक विशेष प्रतिभा होती है, उसे पहचानकर सही अवसर देना जरूरी- प्रियंका गोस्वामी
प्रियंका गोस्वामी का मानना है कि हर बच्चे में एक विशेष प्रतिभा होती है, जिसे पहचानकर सही अवसर देना जरूरी है। इसी सोच के साथ वे शिक्षा को अधिक आनंददायक, रचनात्मक और जीवनोपयोगी बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। उनके इस चयन पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोमा सिंह ठाकुर सहित शिक्षकों, विद्यार्थियों, साहित्यकारों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।