Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने बुपीवाकेन (Bupivacaine) इंजेक्शन के इस्तेमाल और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह वही इंजेक्शन है जो सिजेरियन डिलीवरी और दूसरी बड़ी सर्जरी के दौरान मरीजों को रीढ़ की हड्डी में एनेस्थीसिया के तौर पर दिया जाता है।
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आखिर क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
मामला तब खुला जब हैदराबाद के एक अस्पताल में सर्जरी के दौरान 16 मरीजों को यह इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगते ही मरीजों को उल्टियां होने लगीं और कई मरीजों को अचानक दौरे पड़ने शुरू हो गए। हालात इतने खराब हो गए कि मरीजों को वेंटिलेटर और आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। जैसे ही यह खबर सामने आई, देशभर में हड़कंप मच गया। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज (SMS Hospital) ने भी आनन-फानन में अपने सभी एचओडी को इस दवा का इस्तेमाल तुरंत रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
राजस्थान में कितनी सप्लाई हुई?
थेमिस मेडिकेयर लिमिटेड के इस इंजेक्शन के बैच नंबर-BKP02601 के करीब 14 हजार इंजेक्शन राजस्थान में सप्लाई किए गए थे। ड्रग डिपार्टमेंट के सूत्रों के मुताबिक, यह खेप जयपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भरतपुर, करौली और टोंक के मेडिकल स्टोर्स और अस्पतालों में भेजी गई थी। ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि एहतियात के तौर पर जयपुर डिपो से 7 हजार इंजेक्शन फ्रीज कर दिए गए हैं। मार्केट से 1500 इंजेक्शन वापस मंगवाए जा रहे हैं और करीब 1500 इंजेक्शन मेडिकल स्टोर से जब्त कर लिए गए हैं।
क्या घर में रखे इंजेक्शन सुरक्षित हैं?
फिलहाल पूरे राजस्थान में इस दवा के बेचान और इस्तेमाल पर पाबंदी है। ड्रग डिपार्टमेंट की टीम अब कंपनी के अन्य प्रोडक्ट्स की भी जांच कर रही है और सैंपल इकट्ठा किए जा रहे हैं। राहत की बात बस ये है कि अभी तक राजस्थान से किसी भी मरीज पर इस इंजेक्शन के गंभीर साइड इफेक्ट की शिकायत नहीं मिली है। लेकिन, अगर आपने हाल ही में अस्पताल या मेडिकल स्टोर से यह दवा खरीदी है, तो उसे तुरंत हटा दें। कंपनी ने सफाई दी है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और क्वालिटी कंट्रोल रिकॉर्ड की दोबारा समीक्षा की जा रही है।


