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2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती
जुलूस के दौरान मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी और उत्तरी दिल्ली के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इन दोनों जिलों में 2,000 से अधिक स्थानीय पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को तैनात किया जा रहा है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलवल ने बताया कि उनके क्षेत्र में 1,100 स्थानीय पुलिसकर्मियों के अलावा सुरक्षा बलों की 20 कंपनियां तैनात होंगी। वहीं, उत्तरी दिल्ली के डीसीपी राजा बंठिया के मुताबिक, उनके जिले में 5 एसीपी, 37 निरीक्षक और 924 अन्य पुलिस कर्मियों के साथ बाहरी सुरक्षा बल मोर्चा संभालेंगे।
ड्रोन और फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल
सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए दिल्ली पुलिस आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। भीड़ पर हवाई नजर रखने के लिए कुल 14 ड्रोन तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, संदिग्ध और आपराधिक तत्वों की पहचान के लिए फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। संवेदनशील मोर्चों पर वीडियोग्राफर, दंगा नियंत्रण उपकरण और त्वरित कार्रवाई टीमें मुस्तैद रहेंगी।
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अमन कमेटियों के साथ बैठकें
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों, भाईचारा समितियों और अमन कमेटियों के साथ थाना स्तर से लेकर डीसीपी स्तर तक करीब 21 दौर की बैठकें की हैं। इस साल आशूरा शुक्रवार को होने के कारण जुमे की नमाज के बाद दोपहर 3 बजे से जुलूस निकाला जाएगा।
आयोजक संगठन ‘अंजुमन ताजियादरान’ के मुख्य संरक्षक परवेज नूर ने बताया कि जामा मस्जिद और पुल बंगश से निकलने वाले मुख्य जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए पहाड़गंज में एकजुट होंगे और वहां से जोर बाग स्थित करबला पहुंचेंगे। सुरक्षा को सुचारू बनाए रखने के लिए हर ताजिए के साथ 10 विशेष स्वयंसेवक भी मौजूद रहेंगे।