एक तरफ स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के नेताओं के बीच शांति को लेकर बैठक हुई तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुद के सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान पर फिर से हमला करने की धमकी दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपनी पोस्ट में कहा, “ईरान को लेबनान में अपने भारी-भरकम पैसे पाने वाले प्रॉक्सी को तुरंत गड़बड़ी फैलाने से रोकना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत जोरदार हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ़्ते किया था, बल्कि उससे भी ज्यादा जोरदार।”
IND vs PAK: भारत-पाकिस्तान के बीच डबल धमाका! सिर्फ 4 दिन में 2 बार भिड़ेंगी दोनों टीमें, जानें पूरा शेड्यूल

ईरान को ट्रंप की धमकी
एक अन्य बयान में समुद्री रास्ते में संभावित रुकावट को लेकर सीधी चेतावनी देते हुए ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर जरूरी शिपिंग लेन (जहाज़ों के रास्ते) को ब्लॉक किया गया, तो वॉशिंगटन बहुत ज़ोरदार जवाबी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, “अगर तुमने इसे बंद किया, तो तुम्हारा देश ही नहीं बचेगा। तुम अपने देश वापस भी नहीं पहुंच पाओगे।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि ग्लोबल शिपिंग कॉरिडोर को सुरक्षित करने के लिए वॉशिंगटन सीधे ऑपरेशनल कंट्रोल अपने हाथ में ले सकता है और उस रास्ते से गुजरने वाले तेल के शिपमेंट पर ट्रांजिट फीस भी लगा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो हम उस स्ट्रेट पर कब्जा कर सकते हैं। मैं उन्हें पूरी तरह तबाह कर दूंगा।” उन्होंने कहा, “अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं, तो हम टोल वसूलेंगे।”
ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट बंद करने की धमकी दी
बता दें कि इससे पहले शनिवार को ईरान की संयुक्त मिलिट्री कमांड ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की बात कही थी। ईरान ने कहा था कि लेबनान में इजरायली हमलों की वजह से यह बात कही थी। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका पर भी “बदनीयती” और युद्ध खत्म करने के अपने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया था। ईरान ने अपने बयान में साफ तौर पर चेतावनी दी थी कि “अगर आक्रामकता जारी रहती है, तो आगे के कदम उठाने की योजना बनाई गई है।”
स्विट्जरलैंड में हुई बैठक
स्विट्जरलैंज में अमेरिका और ईरान के बीच शांतिवार्ता को लेकर बैठक हुई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ “नई शुरुआत” करने का मौका है। दोनों पक्षों के बीच पिछले हफ्ते हुए अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत हुई, जिसका मकसद युद्ध को खत्म करना है। वेंस और अमेरिकी बातचीत करने वालों ने लेक ल्यूसर्न के पास स्विट्जरलैंड के एक पहाड़ी रिसॉर्ट में ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की। इस सीधी बातचीत में पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थ भी मौजूद थे। यह मुलाकात ल्यूसर्न झील के पास स्विट्जरलैंड के पहाड़ी इलाके में एक रिजॉर्ट में होनी थी।
Chhattisgarh News: अब नहीं चलेगा OTP का खेल! राशन वितरण में बड़ा बदलाव, बिना अंगूठा लगाए नहीं मिलेगा चावल
इजरायल और लेबनान पर चर्चा
लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह लड़ाकों के बीच कभी-कभी होने वाला संघर्ष, अमेरिका की उन कोशिशों को पटरी से उतारने का खतरा पैदा कर रहा है, जिनके जरिए वह तेहरान से परमाणु कार्यक्रम पर रियायतें हासिल करना चाहता है और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना चाहता है। वेंस के साथ बैठक से पहले, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी को बताया कि रविवार को बातचीत के दौरान ईरान का मुख्य ध्यान इजरायल और लेबनान के बीच चल रहे युद्ध पर होगा।