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पहलगाम में बाढ़
अनंतनाग में बादल फटने के बाद पहलगाम और शंगुस में अचानक से भीषण बाढ़ आ गई. यहां पानी होटलों और घरों में घुस गया. पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि देखते ही देखते रिहायशी इलाकों, खेतों और होटलों में मलबा जमा हो गया. अच्छी बात यह है कि इस पूरी तबाही के बीच किसी भी तरह की जनहानि की कोई खबर अब तक नहीं है. लेकिन नुकसान इलाके में हुआ है. बादल फटने के बाद स्थानीय प्रशासन एक्टिव बना हुआ है, मौके पर राहत-बचाव दल की टीमें लगी है. क्योंकि कई जगहों पर भूस्खलन भी हुआ है. जिससे मलबा जमा था, जिसे हटाने का काम जारी है. वहीं अनंतनाग जिले में ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है.
60 मिनट में 2 बार फटा बादल
अनंतनाग जिले में 60 मिनट के भीतर 2 बार बादल फटने की घटना सामने आई है. बादल फटने की पहली घटना शंगुस के चटरगुल के ऊपरी पर्वतीय इलाकों में हुई थी. बादल फटने से आरिपथ नाले का जलस्तर खतरनाक तरीके से बढ़ गया. पहाड़ों से उतरा यह सैलाब अपने साथ भारी मात्रा में कीचड़, विशालकाय पत्थर और पेड़ों का मलबा लेकर आया था. यह पानी सीधे स्थानीय लोगों के खेतों और सेब के बागों में घुस गया, जिससे खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका एक दरिया में तब्दील हो गया था. यहां पानी भरने से भारी नुकसान हुआ है. इसके बाद पहलगाम के ओवेरा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी क्षेत्र में दूसरा बादल फट गया. इसके चलते ओवेरा नाले में आई बाढ़ का पानी करीब आधा दर्जन होटलों, शानदार रिसॉर्ट्स और स्थानीय लोगों के घरों में घुस गया. अचानक आए इस सैलाब से पर्यटकों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया.
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अनंतनाग में अलर्ट जारी
बादल फटने के बाद अनंतनाग में रविवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. जिला प्रशासन ने तुरंत सभी विभागों को हाई अलर्ट पर डाल दिया. ओवेरा नाले के पास स्थित होटलों में फंसे सभी पर्यटकों को रेस्क्यू टीमों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आरिपथ और ओवेरा नाले सहित सभी जल निकायों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है. फिलहाल राहत और बचाव दल मलबे को हटाने और नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटे हैं.