Rajasthan News: सड़क हादसों में लगातार हो रही मौतों के बीच अब यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को राहत नहीं मिलेगी। अब तक राजस्थान में गंभीर यातायात अपराध पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित (सस्पेंड) किया जाता था और अवधि पूरी होते ही वह स्वतः बहाल हो जाता था लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब लाइसेंस अपने आप बहाल नहीं होगा। उसे केंद्रीय पोर्टल सारथी पर ब्लैकलिस्ट रखा जाएगा। लाइसेंस बहाली के लिए चालक को रिफ्रेशर ट्रेनिंग पूरी कर उसका प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद ही संबंधित अधिकारी रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे और नियमों के अनुरूप लाइसेंस को दोबारा सक्रिय किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियम तोड़ने वाले चालक दोबारा सड़क पर उतरने से पहले सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों को समझें और उनका पालन करने के लिए तैयार हों।
राजस्थान में ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं
मोटर वाहन नियमों में रिफ्रेशर ट्रेनिंग का प्रावधान साल 2021 में ही जोड़ दिया गया था लेकिन राजस्थान में पिछले 5 वर्षों में इसके लिए न तो अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए गए और न ही प्रशिक्षण की कोई स्थायी व्यवस्था बनाई गई। परिणाम यह है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद सस्पेंड लाइसेंस वाले चालकों की बहाली का रास्ता ही अटक गया है।
अब विभाग वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुट गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ऐसे अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र चिन्हित किए जाएंगे, जहां चालकों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और जिम्मेदार ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जैसी व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।


