इस मौके पर जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला ओपन जेल प्रभारी खुशबू मिश्रा समेत जेल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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25 महिला बंदियों को मिलेगी ओपन जेल की सुविधा
रायपुर सेंट्रल जेल की मौजूदा अधोसंरचना का उपयोग करते हुए शुरू की गई इस महिला ओपन जेल में फिलहाल 25 महिला बंदियों को रखा जाएगा। यहां रहने वाली महिला बंदियों को दिन के समय रोजगार और अन्य कार्यों के लिए जेल परिसर से बाहर जाने की अनुमति होगी। काम पूरा करने के बाद उन्हें शाम को वापस जेल में लौटना होगा।
सिलाई सेंटर और ब्यूटी पार्लर में मिलेगा रोजगार
महिला बंदियों के लिए जेल की ऊंची दीवारों से बाहर, मंदिर के पास स्थित परिसर में रोजगार के विभिन्न अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। यहां सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर और जेल उत्पादों के बिक्री केंद्र संचालित किए जाएंगे।
इन माध्यमों से महिला बंदियों को काम सीखने और रोजगार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा उनके लिए रोजगार के अन्य वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
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पुनर्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर
महिला ओपन जेल शुरू करने का उद्देश्य बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उन्हें रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर देना है। इस व्यवस्था के तहत महिला बंदियों को जेल से बाहर निर्धारित कार्य करने और शाम को वापस लौटने की सुविधा मिलेगी।