पहले इस योजना में सिर्फ वही छात्र आवेदन कर सकते थे जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली हो, लेकिन अब नया नियम यह है कि ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं. इससे छात्रों को डिग्री खत्म होने से पहले ही काम का अनुभव मिल जाएगा.
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इस योजना के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं. जिसमें आवेदक की उम्र 18 से 25 साल के बीच होनी चाहिए. छात्र या तो पढ़ाई कर रहा हो (फाइनल ईयर) या पढ़ाई पूरी कर चुका हो. आवेदन करने वाला किसी भी नौकरी में नहीं होना चाहिए. परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और माता-पिता में से कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए.
इसके अलावा जो छात्र इंटर्नशिप करना चाहते हैं, उन्हें अपने कॉलेज या संस्थान से NOC (No Objection Certificate) लेना होगा. इसका मतलब है कि कॉलेज यह अनुमति देगा कि छात्र इंटर्नशिप कर सकता है और इससे उसकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी. NOC पर HOD, प्रिंसिपल या ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर के साइन जरूरी होंगे.
इस योजना के तहत छात्रों को काम सीखने के साथ-साथ पैसे भी मिलेंगे. हर महीने लगभग 9,000 स्टाइपेंड और जॉइनिंग के समय 6,000 एकमुश्त राशि, कुछ कंपनियां अतिरिक्त सुविधाएं भी दे सकती हैं. इससे छात्रों को आर्थिक मदद भी मिलेगी और अनुभव भी मिलेगा.
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इस योजना के तहत सरकार ने 300 से ज्यादा बड़ी कंपनियों को जोड़ा है. छात्रों को अलग-अलग सेक्टर्स में काम करने का मौका मिलेगा, जैसे आईटी और टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, मैनेजमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, मार्केटिंग और अन्य क्षेत्र. इससे छात्रों को असली कॉर्पोरेट दुनिया को समझने का मौका मिलेगा.
इस योजना के लिए आवेदन सिर्फ सरकारी पोर्टल के जरिए किया जा सकता है. इसकी आधिकारिक वेबसाइट www.pminternship.mca.gov.in है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ काम का अनुभव देना, नौकरी पाने की क्षमता बढ़ाना, शिक्षा और उद्योग के बीच का अंतर कम करना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है.