Israel- Lebanon Ceasefire: इजरायल और लेबनान के बीच हुआ 10 दिनों का सीजफायर 10 घंटे भी नहीं टिका. लेबनानी सेना ने शुक्रवार, 17 अप्रैल के तड़के सुबह दावा किया कि इजरायल ने लेबनान में सीजफायर का उल्लंघन किया है जो आधी रात से प्रभावी हुआ. लेबनान का दावा है कि इजरायली सेना ने कई दक्षिणी लेबनानी गांवों पर रुक-रुक कर गोलाबारी भी की है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार लेबनान सेना ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे अभी दक्षिणी गांवों और कस्बों में वापस नहीं लौटे. इजरायली सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान और इजरायल के बीच सीजफायर का ऐलान किया था.
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार इजरायली तोपखाने ने खियाम और डिब्बिन शहरों को निशाना बनाना जारी रखा. पश्चिमी बेका घाटी में, राशाया क्षेत्र और जबल अल-शेख के पश्चिमी ढलानों पर इजरायल के टोही विमान घूमते रहे. CNN की रिपोर्ट के अनुसार, घटनाक्रम के बीच, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के निवासियों को चेतावनी जारी की और उनसे लितानी नदी के दक्षिण में न जाने का आग्रह किया क्योंकि सेना तैनात रहेगी. इजरायल के सैन्य प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने कहा कि इजरायली सैनिकों ने क्षेत्र में अपनी स्थिति बरकरार रखी है. यानी लेबनान के अंदर घुसे इजरायली सैनिक पीछे नहीं हटे हैं. CNN के अनुसार, एड्राई ने कहा, “आपकी सुरक्षा और आपके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए- अगली सूचना तक- आपसे लितानी नदी के दक्षिण में न जाने का अनुरोध किया जाता है.” उन्होंने कहा कि “हिजबुल्लाह की चल रही आतंकवादी गतिविधियों के मद्देनजर” तैनाती पहले जैसी बनी हुई है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हिज़्बुल्लाह इस 10 दिन के युद्धविराम के दौरान “अच्छा और शांति से व्यवहार करेगा”. लास वेगास में एक भाषण के लिए पहुंचते समय ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे उम्मीद है कि हिज़्बुल्लाह इस महत्वपूर्ण समय में अच्छा व्यवहार करेगा. अगर वे ऐसा करते हैं, तो यह उनके लिए एक बहुत बड़ा पल होगा. अब और हत्या नहीं. आखिरकार शांति होनी चाहिए!” द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि इजरायल-लेबनान सीजफायर समझौता वाशिंगटन में दोनों देशों के राजदूतों के बीच एक बैठक और उसके बाद डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के कई फोन कॉल के बाद हुआ. यह बैठक 3 दशकों में लेबनान और इजरायल के बीच पहली सीधी राजनयिक वार्ता थी. हिज्बुल्लाह ने लेबनान से वार्ता से बाहर निकलने को कहा था.
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