हालांकि, विमान के दिल्ली पहुंचने पर ग्राउंड स्टाफ और सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही घटना की सूचना दे दी गई थी. ऐसे में लैंडिंग के बाद यात्री को तुरंत एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों के हवाले कर दिया गया. फिलहाल मामले को एयर इंडिया की आंतरिक समिति के पास भेजा गया है, जहां समिति जांच के बाद ययह तय करेगी कि यात्री को “अनुशासनहीन यात्री” घोषित किया जाए या नहीं और उस पर कितने समय के लिए यात्रा करने का प्रतिबंध लगाया जाए.
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समिति को फैसला लेने के लिए 30 दिन का समय
नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार, समिति को फैसला लेने के लिए 30 दिन का समय मिलता है. इस दौरान एयरलाइन यात्री पर अधिकतम 30 दिनों का अस्थायी प्रतिबंध भी लगा सकती है. घटना की पुष्टि करते हुए एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “फ्लाइट AI1879, जो 7 जून को चंडीगढ़ से दिल्ली जा रही थी, में यात्रा के दौरान एक यात्री ने अनुचित व्यवहार किया. हालांकि विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा गया. फ्लाइट के पायलट और क्रू ने निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की और यात्री को कई बार चेतावनी दी. इसके बाद मामले की जानकारी दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम को दी गई.”
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यात्रियों, क्रू या विमान की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा
एयर इंडिया ने कहा कि इस घटना से किसी भी समय यात्रियों, क्रू या विमान की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा. दिल्ली पहुंचने के बाद संबंधित यात्री को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया. इस घटना की जानकारी विमानन नियामक (DGCA) को भी दे दी गई है. एयर इंडिया ने दोहराया कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है और ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एयर इंडिया से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, उड़ान के दौरान यात्री का व्यवहार आक्रामक था और वह क्रू की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहा था. हालांकि, सुरक्षा कर्मियों को सौंपे जाने के बाद उसने बार-बार माफी मांगनी शुरू कर दी.