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कब काम आएगा नॉर्मल मोड?
अगर आप एक-दो हफ्तों के लिए घर से बाहर जा रहे हैं और घर की मेन पावर सप्लाई ऑन रहेगी तो इन्वर्टर को नॉर्मल मोड में सेट किया जा सकता है. इसका फायदा यह होगा कि बैटरी पूरी तरह चार्ज और हेल्दी रहेगी. आजकल कई इन्वर्टर में बैटरी के हिसाब से मोड चुनने और स्मार्ट चार्जिंग का भी ऑप्शन मिलता है. इस तरह आप बैटरी के हिसाब से टैबुलर मोड, स्टैंडर्ड या रेगुलर मोड सेलेक्ट कर सकते हैं.
कब बंद करना चाहिए इन्वर्टर?
अगर आप घर से जाते समय मेन पावर सप्लाई को पूरी तरह बंद कर रहे हैं तो इन्वर्टर को भी बंद कर देना चाहिए. इसके लिए इन्वर्टर और पावर स्विच को बंद कर सॉकेट से अनप्लग कर दें. साथ ही ध्यानपूर्वक तरीके से बैटरी टर्मिनल्स को भी डिस्कनेक्ट कर दें. इससे बैटरी अपने आप ड्रेन नहीं होगी.
बैटरी को लेकर इन बातों का रखें ध्यान
– छुट्टियों पर जाने से पहले बैटरी को पूरी तरह चार्ज कर दें. फुल चार्ज्ड बैटरी आराम से एक-दो महीने चल जाती है.
– अगर बैटरी को डिस्चार्ज कंडीशन में छोड़ दिया जाए तो यह डीप डिस्चार्ज स्टेट में चली जाएगी. इससे बैकअप परफॉर्मेंस कमजोर होती है और बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होने लगती है.
– छुट्टियों से लौटने के बाद इन्वर्टर को डायरेक्ट ऑन कर यूज करना शुरू न करें. अगर आप एक-डेढ़ महीने बाद लौट रहे हैं तो बैटरी के टर्मिनल्स, इसमें पानी का लेवल, डस्ट और रस्ट आदि को जरूर चेक करें. अगर आप लीड-एसिड बैटरी यूज कर रहे हैं तो इसमें कुछ समय बाद पानी कम हो जाता है.
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बड़े नुकसान से बचा सकती है ये तैयारी
इन्वर्टर बैटरी की लागत हजारों में होती है और गर्मियों के समय पावर कट के दौरान ये खूब काम आती है. गर्मी के अलावा बारिश और सर्दियों के दौरान भी इन्वर्टर होने पर पावर कट की उतनी टेंशन नहीं रहती. इसलिए कुछ आसान तरीकों से बैटरी की देखभाल कर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.