ICC ODI Ranking: शुभमन गिल बाल-बाल चूके नंबर-1 बनने से, रोहित-विराट को हुआ बड़ा फायदा
वर्ष 2025 में प्रदेश में कुल 15,484 सड़क हादसे दर्ज किए की गए, जिनमें 6,967 लोगों की मौत हुईं और 13,156 लोग घायल हुए। वहीं, वर्ष 2026 में न 31 मई तक केवल 5 महीनों में 6,891 सड़क दुर्घटनाओं में 3,170 लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं। सिर्फ सरगुजा जिले में एक साल के भीतर सड़क हादसों में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई। इसके बावजूद, कलेक्टर की अध्यक्षता में पूरे साल यानी 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक सड़क सुरक्षा समिति की केवल 1 बैठक बुलाई गई। कांकेर जिले में भी सालभर में महज 1 बैठक ही आयोजित की गई।
राजस्थान के हजारों परिवारों को बड़ी राहत! अब PMJAY से दिल्ली, महाराष्ट्र समेत पूरे देश में मिलेगा कैशलेस इलाज
10 सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट की सूची
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने बारिश में नेशनल हाईवे और मुख्य सड़कों पर बैठे मवेशियों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने में कहा कि दिन में वाहन चालक किसी तरह बच जाते हैं, लेकिन रात में जान का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते का हुए उन्होंने पूछा, क्या पुलिसकर्मियों का काम सिर्फ मवेशी हांकना है या व्यवस्था बनाना? कोर्ट में प्रदेश के 10 सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट की सूची पेश की गई। इनमें सात रायपुर जिले में हैं। धरसींवा के सिलतरा से निको गेट के बीच एक साल में 19 लोगों की मौत हुई। कोरबा के पाली-गझरा नाला मार्ग पर 22 हादसों में 17 लोगों ने जान गंवाई। रायपुर के तेलीबांधा, नेवरा, आरंग और खरोरा क्षेत्र भी गंभीर दुर्घटना स्थलों में शामिल हैं।