SIM Rule: SIM को लेकर नियम सख्त! ज्यादा मोबाइल नंबर रखने वालों पर होगी कार्रवाई, जानें अधिकतम लिमिट
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना है-
केंद्र सरकार ने इस दवा के फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन की सभी formulations के निर्माण, बिक्री और वितरण को प्रतिबंधित किया. हालांकि, यह प्रतिबंध इस शर्त के साथ है कि दवा के लेबल, पैकेज इंसर्ट और प्रचार सामग्री पर स्पष्ट चेतावनी लिखना जरूरी होगा.
इसमें “यह फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन 4 साल से कम उम्र के बच्चों में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए” लिखा होगा.
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का कहना है कि क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाले ऐसे FDC का इस्तेमाल 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है. साथ ही, सरकार के अनुसार इन दवाओं के सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं.
पहले क्या फैसला हुआ था?
इससे पहले 15 अप्रैल 2025 को सरकार ने इसी combination के सभी formulations के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया था. उस समय दवा कंपनियों को लेबल और पैकेज पर 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी देने को कहा गया था.
अब सरकार ने इसी तरह की चेतावनी को क्लोरफेनिरामाइन मैलेट + फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाले अन्य FDC formulations पर भी लागू किया है.
मंत्रालय द्वारा बनाई गई एक्सपर्ट कमिटी ने इन दवाओं की समीक्षा की समिति ने सिफारिश की कि भारत में निर्मित, आयातित और बाजार में बेची जाने वाली सभी संबंधित एफडीसी फॉर्मूलेशन पर यही चेतावनी लागू होनी चाहिए.
इसके बाद ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने भी 16 फरवरी 2026 की बैठक में इस मुद्दे की समीक्षा की.
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद DTAB इस बात पर सहमत हुआ कि ऐसी फॉर्मूलेशन का इस्तेमाल 4 साल से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए.
क्या है अब सरकार का अंतिम आदेश?
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट , 1940 की धारा 26A के तहत केंद्र सरकार ने इन दवाओं के सभी संबंधित FDC फॉर्मूलेशन के निर्माण, बिक्री और वितरण को प्रतिबंधित किया है, और साथ ही 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इस्तेमाल न करने की चेतावनी अनिवार्य की है.
BOB LBO Recruitment 2026: बैंक ऑफ बड़ौदा में 2482 लोकल बैंक ऑफिसर पदों पर बंपर भर्ती, आवेदन शुरू
यह आदेश कब से लागू होगा?
अधिसूचना के अनुसार यह आदेश ऑफिसियल गैजेट में प्रकाशित होने की तारीख से ही लागू हो गया है. कुल मिलाकर छोटे बच्चों में इस दवा के संभावित जोखिम को देखते हुए सरकार ने इसके इस्तेमाल पर कड़ी चेतावनी और नियमन लागू किया है.