दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद कई स्कूलों ने अपने स्तर पर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल की आउटडोर एक्टिविटी बंद कर दी है। कुछ स्कूल फिलहाल बंद करने की तैयारी भी कर रहे हैं। सरकार की तरफ से अभी इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। हालांकि, विंटर एक्शन प्लान के तहत सरकार और निजी स्कूलों ने प्रदूषण को कम करने और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन जारी की हैं।
बच्चों की सेहत का ध्यान रखते हुए स्कूलों में अब इनडोर एक्टिविटी कराई जा रही है। सभी छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, और गतिविधियाँ क्लासरूम या क्लब हॉल जैसी सुरक्षित जगहों पर आयोजित की जा रही हैं। ज्यादातर स्कूलों ने अब मॉर्निंग प्रेयर भी खुले मैदानों में न करने का फैसला लिया है। साफ हवा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में एयर प्यूरिफायर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल, सरकार की तरफ से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन विंटर एक्शन प्लान के तहत सरकार और निजी स्कूलों ने प्रदूषण को कम करने और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन जारी की हैं।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में बुधवार (5 नवंबर) को थोड़ा सुधार देखा गया, लेकिन हवा की स्थिति अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 273 दर्ज किया गया। शादीपुर में एक्यूआई 308 के स्तर पर पहुँच गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ‘समीर ऐप’ के मुताबिक 27 निगरानी स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रही।
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