OPD Registration में बड़ा बदलाव, अब ABHA ID हुई अनिवार्य, अस्पतालों में मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
सांस फूलने के पीछे छिपे संभावित कारण
Heart Problems
अगर आपका दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पा रहा है, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे सांस फूलने लगती है. हार्ट फेल्योर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट वाल्व की समस्या इसके पीछे के कारण हो सकते हैं. इन स्थितियों में मरीज को चलने या लेटने पर भी सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.
Lung Diseases
फेफड़े ऑक्सीजन लेने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने का काम करते हैं. इनमें किसी भी तरह की समस्या सांस फूलने का कारण बन सकती है, जैसे अस्थमा (Asthma), क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और फेफड़ों में इन्फेक्शन या निमोनिया इसके पीछे के कारण हो सकते हैं. अगर सांस फूलने के साथ खांसी, सीने में जकड़न या घरघराहट भी हो, तो यह फेफड़ों की बीमारी का संकेत हो सकता है.
Anaemia (खून की कमी)
जब शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है, तो ऑक्सीजन सही तरीके से शरीर के अंगों तक नहीं पहुंच पाती. इसका सीधा असर सांस पर पड़ता है, जिसमें जल्दी थकान, चक्कर आना और हल्का काम करने पर भी सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
Obesity (मोटापा)
अधिक वजन होने पर शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है. साथ ही, छाती और फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है.
Thyroid
थायरॉयड हार्मोन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो सकती है और सांस फूलने लगती है.
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कब समझें कि मामला गंभीर है?
- आराम करने पर भी सांस फूलना.
- सीने में दर्द या दबाव महसूस होना.
- होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना.
- लगातार खांसी या खून आना.
- अचानक बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना.