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रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किया नोटिस
इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में बताया गया है कि यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों और संस्थानों को ईंधन संरक्षण, अनावश्यक यात्राओं में कमी और प्रशासनिक सादगी अपनाने के निर्देश दिए थे।
बार एसोसिएशन से चर्चा के बाद लिया गया फैसला
हाईकोर्ट प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू करने से पहले जोधपुर और जयपुर बार एसोसिएशनों से चर्चा की थी। विचार-विमर्श के बाद अदालतों में वर्चुअल सुनवाई को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया, ताकि अधिवक्ताओं और पक्षकारों को बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सके। नोटिस के अनुसार, अदालतों की कार्यवाही संबंधित कोर्ट रूम से ही संचालित होगी, लेकिन अधिवक्ताओं और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हाईकोर्ट ने यह भी अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर वाहन साझा (कार पूलिंग) जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया जाए, जिससे ईंधन की बचत सुनिश्चित हो सके।
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फिजिकल हियरिंग पर कोई रोक नहीं
हाईकोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिजिकल हियरिंग पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। जो अधिवक्ता या पक्षकार व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर सुनवाई करना चाहते हैं, वे पूर्व की तरह न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे।