Rajasthan News : जयपुर से कोलकाता के लिए आज से दौड़ेगी वीकली स्पेशल ट्रेन, वंदे भारत समेत कई ट्रेनों के रूट में बदलाव
क्या होते हैं इसके लक्षण?
शुरुआत पेट से होती है, मतली, उल्टी, पेट में ऐंठन, दस्त, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं सामने आती हैं. यह स्थिति काफी परेशान करने वाली होती है और इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. असली समस्या तब बढ़ती है, जब उल्टी और दस्त के कारण शरीर से पानी तेजी से निकलने लगता है और डिहाइड्रेशन हो जाता है.
डिहाइड्रेशन से क्या होती है दिक्कत?
डिहाइड्रेशन सिर्फ प्यास लगने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरे शरीर के संतुलन को बिगाड़ देता है. इसी वजह से बुखार और सिरदर्द भी शुरू हो जाते हैं. शरीर इंफेक्शन से लड़ने की कोशिश करता है, लेकिन जब पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, तो रिकवरी और मुश्किल हो जाती है. सिरदर्द लंबे समय तक बना रहता है और कमजोरी बढ़ती जाती है.
किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा होता है?
कुछ लोग इस समय ज्यादा जोखिम में होते हैं. बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है. इसके अलावा जो लोग बाहर का खाना ज्यादा खाते हैं, बार-बार यात्रा करते हैं या साफ पानी नहीं पीते, उनमें इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है. अगर शरीर पहले से ही डिहाइड्रेटेड या कमजोर है, तो बीमारी जल्दी पकड़ लेती है.
राजस्थान में शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: 4 किताबें बैन, 9वीं-12वीं के इतिहास के सिलेबस में बड़ा बदलाव
कैसे कर सकते हैं इससे बचाव?
बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि पानी और खाने को लेकर सख्ती. हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं. बाहर का कच्चा या खुला खाना खाने से बचें, चाहे वह कितना भी अच्छा क्यों न लगे. हमेशा ताजा और गरम खाना ही खाएं, क्योंकि गर्मी से ज्यादातर बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं. हाथ धोना एक साधारण लेकिन बेहद जरूरी आदत है. खाने से पहले और टॉयलेट के बाद हाथ जरूर धोएं। यह छोटी सी आदत आपको कई बीमारियों से बचा सकती है. अगर आप बीमार हो जाते हैं, तो हाइड्रेशन सबसे जरूरी हो जाता है। सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि ओआरएस या नारियल पानी जैसे तरल पदार्थ लें, ताकि शरीर को जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स मिल सकें.